सीपी राधाकृष्णन बने भारत के उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति मुर्मू ने दिलाई शपथ | जानिए कौन हैं राधाकृष्णन?

नई दिल्ली: भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को शपथ ग्रहण की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राष्ट्रपति भवन में पद की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन ने विपक्षी उम्मीदवार और पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को कड़ी टक्कर देते हुए 452 वोट हासिल किए, जबकि रेड्डी को 300 वोट मिले। पिछले उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने के बाद यह चुनाव आवश्यक हुआ।

सीपी राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर और जीवन परिचय
सीपी राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तिरुपुर, तमिलनाडु में हुआ। उनका परिवार पिछले 25 वर्षों से राजनीति में सक्रिय रहा है। उनके चाचा सीके कुप्पुसामी तीन बार कांग्रेस सांसद रहे हैं। 1974 में उन्होंने जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी सदस्य के रूप में राजनीति की शुरुआत की।
1998 और 1999 में कोयंबटूर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए राधाकृष्णन ने तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष के रूप में 2003 से 2006 तक कार्य किया। उन्होंने राज्यपाल के रूप में झारखंड और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में सेवा दी है।
उपराष्ट्रपति पद पर शपथ ग्रहण से पहले महाराष्ट्र राज्यपाल के पद से दिया इस्तीफा
शपथ ग्रहण से पहले, राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा दिया। राष्ट्रपति भवन के बयान के अनुसार, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक ट्वीट में कहा,
“थिरु सीपी राधाकृष्णन जी को 2025 के उपराष्ट्रपति चुनाव में जीत के लिए हार्दिक बधाई। उनका जीवन समाज की सेवा और गरीबों के सशक्तिकरण के लिए समर्पित रहा है। मुझे विश्वास है कि वे संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करते हुए संसदीय संवाद को आगे बढ़ाएंगे।”
सीपी राधाकृष्णन की प्रमुख उपलब्धियां और संगठन में भूमिका
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राजनीतिक शुरुआत: 1970 के दशक में आरएसएस के स्वयंसेवक के रूप में सक्रिय राजनीति शुरू की।
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सांसद: 1998 और 1999 में कोयंबटूर से सांसद चुने गए।
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बीजेपी राज्य अध्यक्ष: 2003-2006 तक तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष रहे।
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राज्यपाल: झारखंड (फरवरी 2023 – जुलाई 2024), महाराष्ट्र (जुलाई 2024 से उपराष्ट्रपति बनने तक)।
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संसदीय समितियां: कपड़ा उद्योग, सार्वजनिक उपक्रमों और वित्त से जुड़ी समितियों में सक्रिय।
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अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल: 2004 में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया और ताइवान जाने वाले पहले संसदीय प्रतिनिधि रहे।






