Indigo Flight Crisis: देशभर में कोहराम—100+ फ्लाइट्स रद्द, हजारों यात्री फंसे; सरकार ने दिए कड़े निर्देश

Indigo Flight Crisis: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो शनिवार को भी भारी परिचालन अव्यवस्था से जूझती रही। देशभर के बड़े हवाईअड्डों पर हजारों यात्री फंसे, कतारें घंटों लंबी होती चली गईं और यात्रियों को बिना सूचना उड़ानें रद्द होने से गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
शनिवार सुबह तक इंडिगो ने 109 उड़ानें रद्द कीं —51 आगमन,58 प्रस्थान,सबसे बुरा हाल दिल्ली एयरपोर्ट का रहा, जहां 54 प्रस्थान,52 आगमन कुल 106 फ्लाइट्स रद्द की गईं। हैदराबाद में भी इंडिगो ने 69 उड़ानें रद्द कर दीं (26 आगमन + 43 प्रस्थान)।
पूर्वोत्तर में स्थिति सबसे खराब — गुवाहाटी में सेना के जवान तक फंस गए
गुवाहाटी के गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण रही। एक भारतीय सेना के जवान ने बताया कि— “हमें उड़ान रद्द होने की जानकारी समय पर नहीं दी गई… परिवार के साथ एयरपोर्ट पर ही रुकना पड़ा।”
एक यात्री ने बताया— “5 दिसंबर की शाम 6:30 की फ्लाइट रद्द हुई… फिर 6 दिसंबर सुबह 11 बजे रीशेड्यूल कर दी गई, लेकिन वह भी रद्द हो गई।”

मुंबई एयरपोर्ट पर भी अफरा-तफरी — कनेक्टिंग फ्लाइट्स बिना सूचना रद्द
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लंबी-लंबी कतारें देखी गईं। अंतरराष्ट्रीय उड़ान से पहुंचे दीपेेश श्रीवास्तव ने कहा— “मेरी नागपुर की कनेक्टिंग फ्लाइट बिना किसी सूचना के रद्द कर दी गई।” एक अन्य यात्री ने भीड़ को शांत रहने की अपील की और एयरपोर्ट प्रबंधन से स्थिति सुधारने की मांग की।
सरकार का एक्शन मोड — इंडिगो को तुरंत सुधार उपाय लागू करने का आदेश
फ्लाइट कैन्सलेशन के बड़े संकट के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) हरकत में आ गया है। मंत्रालय ने एयरलाइन को तत्काल सुधारात्मक आदेश जारी किए हैं।
सरकार के आदेशों में शामिल—
- आधी रात तक फ्लाइट शेड्यूल को स्थिर करने के निर्देश
- अगले कुछ दिनों में सामान्य सेवाएं बहाल होने की संभावना
- रद्द उड़ानों के यात्रियों को ऑटोमैटिक फुल रिफंड
- फंसे यात्रियों के लिए होटल में ठहरने की व्यवस्था एयरलाइन द्वारा
- वरिष्ठ नागरिकों को विशेष लाउंज एक्सेस
- देरी वाली उड़ानों के यात्रियों को स्नैक्स व मूलभूत सुविधाएं
- 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय, DGCA लगातार स्थितियों की निगरानी में
सरकार ने कहा कि DGCA के नियमों में आवश्यक बदलाव करके उड़ानों की नियमितता जल्द बहाल की जाएगी।






