हरियाणा में टेंडर घोटाले पर कैबिनेट मंत्री गंगवा की बड़ी कार्रवाई,42 अधिकारी-कर्मचारी चार्जशीट
चंडीगढ़/रोहतक, 12 जुलाई 2025: हरियाणा सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHE) में सामने आए टेंडर घोटाले पर कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने बड़ा एक्शन लिया है। करोड़ों रुपये के विकास कार्यों में नियमों की अनदेखी और टेंडर प्रक्रिया में धांधली के आरोपों के चलते 42 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चार्जशीट कर दिया गया है। इनमें वर्तमान और रिटायर्ड दोनों तरह के अधिकारी शामिल हैं।
मंत्री गंगवा ने कहा कि,
“सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। किसी भी कीमत पर लापरवाही और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
क्या है पूरा मामला?
यह कार्रवाई रोहतक PHE विभाग में बिना ऑनलाइन प्रक्रिया के वर्क ऑर्डर जारी करने और फर्जी आपातकालीन कार्य घोषित कर ऑफलाइन कोटेशन के आधार पर करोड़ों रुपये के ठेके देने को लेकर की गई है। रिपोर्ट में बताया गया कि यह गड़बड़ी विशेष समय अवधि में की गई, जब एक अधीक्षण अभियंता (SE) और एक कार्यकारी अभियंता (XEN) विभाग में तैनात थे।
जांच में यह भी सामने आया कि—
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कुछ ठेकेदारों को एक ही दिन में 10 से अधिक काम सौंपे गए।
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सभी कार्य लागत सीमा के आसपास रखे गए ताकि टेंडर की प्रक्रिया से बचा जा सके।
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नियमों को जानबूझकर दरकिनार कर टेंडर को विभाजित किया गया।
ये अधिकारी आए जांच के घेरे में
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अधीक्षण अभियंता (SE)
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कार्यकारी अभियंता (XEN)
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सब डिविजनल इंजीनियर (SDE)
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जूनियर इंजीनियर (JE)
इनके अलावा कई अन्य तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारी भी चार्जशीट किए गए हैं। जांच में रोहतक, सांपला और महम सब-डिवीजन प्रमुख रूप से संलिप्त पाए गए हैं।
ठेकेदार भी होंगे ब्लैकलिस्ट
कैबिनेट मंत्री गंगवा ने कहा कि दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा सेवानिवृत्त अधिकारियों के खिलाफ भी पेंशन नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भ्रष्टाचार मुक्त शासन की दिशा में मजबूत कदम
गंगवा ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार कड़े कदम उठा रही है। टेंडर प्रक्रिया को और मजबूत करने के लिए नई निगरानी प्रणाली भी लागू की जाएगी।






