Kurla bus accident :मुंबई के कुर्ला क्षेत्र में सोमवार को हुई एक भीषण बस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है, जबकि 49 लोग घायल हुए हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
घटना सोमवार शाम करीब 9:50 बजे हुई, जब बेस्ट (Brihanmumbai Electric Supply and Transport) की एक बस ने अचानक नियंत्रण खो दिया और कुर्ला इलाके में कई वाहनों से टकरा गई। घटना की जानकारी मिलते ही बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अग्निशमन विभाग ने तत्काल मौके पर राहत कार्य शुरू किया।
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बस ने करीब 100 मीटर की दूरी में 30-40 वाहनों को टक्कर मारी और अंत में सोलोमन बिल्डिंग के आरसीसी कॉलम से टकरा गई, जिससे उसकी दीवार टूट गई। दुर्घटना के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में बस के ब्रेक फेल होने की बात सामने आई है।

शिवसेना विधायक दिलीप लांडे ने दुर्घटना के कारणों को लेकर बयान दिया और कहा कि बस के ब्रेक फेल हो गए थे। उनका कहना था, “बस चालक ने वाहन पर नियंत्रण खोने के बाद घबराहट में एक्सीलेटर दबा दिया, जिससे बस की गति बढ़ गई और वह 30-35 लोगों को टक्कर मारते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गई।”
घायलों का इलाज जारी
दुर्घटना में घायल हुए 49 लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। भाभा अस्पताल में 35 घायल हुए, जिनमें से 4 की मौत हो चुकी है। कोहिनूर अस्पताल ने 3 घायल होने की सूचना दी, जिसमें 1 की मौत हो गई और 2 की हालत गंभीर है। सेवन हिल्स अस्पताल में 4 पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि सिटी अस्पताल में उमर अब्दुल गफूर (35) की हालत गंभीर बनी हुई है। हबीब अस्पताल में भी 6 घायल हुए हैं, जिनमें 1 की मौत हो चुकी है। घायलों का इलाज सायन अस्पताल, राजावाड़ी अस्पताल और अन्य निजी अस्पतालों में किया जा रहा है।
बीएमसी और पुलिस की कार्रवाई
बीएमसी के अधिकारियों ने कहा कि वे इस घटना की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और सभी संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। पुलिस ने भी चालक के बयान को दर्ज किया है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।
कुर्ला बस दुर्घटना ने शहर में सुरक्षा उपायों और सार्वजनिक परिवहन की स्थिति पर एक बार फिर सवाल उठाए हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी आरोप लगाया है कि सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा मानकों में सुधार की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।






