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क्या अब पान-तंबाकू बेचने वाले करेंगे देश की सुरक्षा? मलविंदर सिंह कंग का भाजपा पर तंज

नई दिल्ली, 5 दिसंबर 2025 : आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और श्री आनंदपुर साहिब से सांसद मलविंदर सिंह कंग ने संसद में ‘हेल्थ सिक्योरिटी और नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल 2025’ पर चर्चा के दौरान केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कंग ने बिल के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार पान मसाला और तंबाकू जैसी हानिकारक चीजों को ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ से जोड़कर देश के साथ भद्दा मजाक कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब तक हम सोचते थे कि देश की सुरक्षा हमारी बहादुर सेना करती है, लेकिन इस बिल के बाद तो पान और तंबाकू बेचने वाले दावा करेंगे कि देश की सुरक्षा वे कर रहे हैं।

फौज के शौर्य का अपमान है तंबाकू को सुरक्षा से जोड़ना

सांसद कंग ने संसद में गरजते हुए कहा कि यह बेहद हास्यास्पद और विरोधाभास से भरा विषय है। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा हमारी ग्रेट इंडियन आर्मी करती है, लेकिन सरकार ऐसा बिल लाकर यह संदेश दे रही है कि पान-मसाले पर टैक्स देने वाला व्यक्ति देश को सिक्योर कर रहा है। कल को पान की दुकान वाला कहेगा कि मैं टैक्स दे रहा हूं, इसलिए बॉर्डर सुरक्षित है। कंग ने कहा कि सेहत की सुरक्षा अच्छे खेल ढांचे और अच्छी डाइट से होती है, न कि तंबाकू से, जिसे हर जगह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बताया गया है। उन्होंने सिख इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का घोड़ा भी तंबाकू के खेत को देखकर रुक गया था, सिख धर्म में इसे इतना बुरा माना जाता है, लेकिन सरकार इसका महिमामंडन कर रही है।

 

गुजरात के मुंद्रा पोर्ट और पंजाब बॉर्डर पर उठाए सवाल

मलविंदर सिंह कंग ने भाजपा के गुजरात मॉडल को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से हजारों करोड़ रुपये की नशे की खेप पकड़ी जाती है जो पूरे देश में फैल रही है, सरकार उन बड़े मगरमच्छों पर क्या कार्रवाई कर रही है? उन्होंने पंजाब का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हमारा पाकिस्तान के साथ 750 किलोमीटर लंबा बॉर्डर लगता है। मुख्यमंत्री भगवंत मान बार-बार इसके आधुनिकीकरण की मांग करते हैं। कंग ने पूछा कि क्या इस सेस से इकट्ठा पैसा पंजाब के बॉर्डर को सुरक्षित करने में लगाया जाएगा? उन्होंने बिल में उस क्लॉज पर भी आपत्ति जताई जिसमें कहा गया है कि कीमतों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। कंग ने कहा कि क्या सरकार चाहती है कि लोग सस्ता नशा करें और पान मसाले का कारोबार और बढ़े?

 

राज्यों के हक और इंफ्रास्ट्रक्चर पर दिया जोर

कंग ने अंत में कहा कि सरकार जीएसटी और अन्य माध्यमों से टैक्स का केंद्रीकरण कर रही है। उन्होंने मांग की कि इस सेस से इकट्ठा होने वाले पैसे में राज्यों का हिस्सा स्पष्ट किया जाए। कंग ने नसीहत देते हुए कहा कि अगर सरकार वाकई में हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी चाहती है तो उसे स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और लोगों के खानपान को बेहतर करने पर ध्यान देना चाहिए, न कि तंबाकू और पान मसाले जैसी चीजों को ग्लोरिफाई करके उनसे देश की सुरक्षा का ढोंग रचना चाहिए। सरकार को इस बिल पर पुनर्विचार करने की जरूरत है।

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