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Iran-US Ceasefire : भारत सहित दुनियाभर के देशों ने किया ईरान-अमरीका युद्धविराम का स्वागत

नई दिल्ली

भारत सहित कई देशों ने ईरान और अमरीका के बीच हुए दो सप्ताह के युद्धविराम का स्वागत करते हुए इसे पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम बताया है। भारत ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए बुधवार को कहा कि वह युद्धविराम का स्वागत करता है और उम्मीद करते हैं कि इससे क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित होगी। भारत ने यह भी कहा कि इस संघर्ष से भारी जनहानि हुई है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापार प्रभावित हुआ है। बयान में होर्मुज जलडमरूमध्य में निर्बाध नौवहन और वैश्विक व्यापार के सुचारू प्रवाह की आवश्यकता पर जोर दिया गया। दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने युद्धविराम का स्वागत करते हुए सभी पक्षों से इसका पालन करने और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियां निभाने की अपील की। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने इसे ‘बहुत अच्छा घटनाक्रम’ बताया, जबकि स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा कि युद्धविराम सकारात्मक है, लेकिन इससे विनाश और जनहानि को भुलाया नहीं जा सकता है।

सांचेज ने कहा कि स्पेन दुनिया में आग लगाने वालों की तारीफ नहीं कर सकता। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे तनाव में बहुत जरूरी कमी आई है। कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो ने अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले का समर्थन करते हुए इसे सही कदम बताया। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने भी युद्धविराम का स्वागत किया और कहा कि उनका देश लंबे समय से तनाव कम करने की मांग करता रहा है। जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव मिनोरु किहारा ने कहा कि प्राथमिकता स्थिति के समाधान और होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करना है। मिस्र और इराक ने भी इस युद्धविराम का स्वागत करते हुए कहा कि यह क्षेत्र में तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान का अवसर प्रदान करेगा।

रूस ने कहा, जंग में बुरी तरह हारे यूएस-इजरायल

मिडल ईस्ट में युद्धविराम पर सहमति जताने के बाद रूस ने अमरीका पर तंज कसा है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा के अनुसार इस जंग में अमरीका-इजरायल की हार हुई है। मारिया जखारोवा ने कहा कि 28 फरवरी को ईरान पर बिना उकसावे के किया गया एकतरफा हमले में दोनों (यूएस-इजरायल) की करीबी हार हुई है। हमारे देश ने शुरू से ही अपने पहले बयानों में कहा था कि इस हमले को तुरंत रोकना जरूरी है।

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