Haryana Vidhansabha Winter Session 2025 : कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव मंजूर, आज सदन में होगी तीखी बहस

Haryana Vidhansabha Winter Session 2025 : हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई। विधानसभा की कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई, जबकि लंच के बाद कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव चर्चा के लिए स्वीकार कर लिया गया। विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने ऐलान किया कि कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया है और इस पर शुक्रवार, 19 दिसंबर को दूसरी सिटिंग में चर्चा होगी।
कम संख्या के बावजूद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर सरकार को घेरने की रणनीति अपनाई है। हालांकि, संख्या बल के लिहाज से यह प्रस्ताव गिरना लगभग तय माना जा रहा है।
हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव
विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस के 37 में से 35 विधायकों ने हस्ताक्षर कर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा। इस दौरान दो विधायक — मोहम्मद इलियास और विनेश फोगाट सदन में मौजूद नहीं थे।
संख्या बल में भाजपा को बढ़त
हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 46 विधायकों की आवश्यकता होती है। वर्तमान में भाजपा के पास 48 विधायक हैं, जबकि 3 निर्दलीय विधायक भी सरकार के समर्थन में हैं। ऐसे में कांग्रेस का यह अविश्वास प्रस्ताव राजनीतिक दबाव बनाने का हथियार माना जा रहा है, न कि सरकार गिराने की वास्तविक कोशिश।
अविश्वास लाना हमारी जिम्मेदारी: हुड्डा
नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है और हर मोर्चे पर विफल रही है। उन्होंने कहा, “भले ही हमारे पास संख्या बल कम है, लेकिन जनता में भरोसा खो चुकी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना हमारी संवैधानिक और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी है।”
इन मुद्दों पर सरकार को घेरा
अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए विधायक आफताब अहमद और भूपेंद्र हुड्डा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने लोकतंत्र को “तंत्रलोक” में बदल दिया है। कांग्रेस ने सरकार पर इन गंभीर मुद्दों को लेकर हमला बोला—
- बढ़ता अपराध और नशाखोरी
- बेरोजगारी और अशिक्षा
- किसानों की बदहाल स्थिति
- दूषित पर्यावरण
- भ्रष्टाचार और भय का माहौल
- संगठित अपराधी गिरोह
- खेल सुविधाओं की कमी
- पेपर लीक मामले
- कोर्ट केस के बहाने भर्तियों को लटकाना
- खेल स्टेडियमों की बदहाली
- चुनावों में फर्जी राशन कार्ड और वोट चोरी के आरोप
विधानसभा में मौजूदा संख्या बल
- कुल विधायक: 90
- बहुमत का आंकड़ा: 46
- भाजपा: 48
- निर्दलीय: 03
- कांग्रेस: 37
- इनेलो: 02
अब सभी की निगाहें 19 दिसंबर को होने वाली चर्चा पर टिकी हैं, जहां सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।






