अब सड़कों पर भीख मांगने वाले बच्चों का होगा DNA टेस्ट
चंडीगढ़, 16 जुलाई 2025 — पंजाब सरकार ने बाल तस्करी और शोषण के खिलाफ एक ऐतिहासिक और कड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में भीख मांगते हुए पाए जाने वाले बच्चों, विशेष रूप से उन बच्चों का जो किसी वयस्क के साथ हों, DNA परीक्षण कराया जाएगा। इस अभूतपूर्व निर्णय की घोषणा पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने की।
डॉ. कौर ने स्पष्ट किया कि DNA परीक्षण बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मानव तस्करी की रोकथाम के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने कहा, “सरकार की प्राथमिकता यह है कि किसी मासूम का इस्तेमाल किसी आपराधिक गतिविधि में न हो, खासकर जब वह संरक्षक के नाम पर किया जा रहा हो।”
डीएनए टेस्ट के निर्देश
राज्य के सभी उपायुक्तों (DCs) को निर्देश दिए गए हैं कि:
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अगर कोई बच्चा किसी वयस्क के साथ सड़कों पर भीख मांगते हुए पाया जाता है, तो उनके रिश्ते की पुष्टि के लिए DNA जांच कराई जाएगी।
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DNA रिपोर्ट आने तक बच्चे को ज़िला बाल कल्याण समिति की निगरानी में किसी बाल देखभाल संस्था में रखा जाएगा।
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कोई भी व्यक्ति जब तक जैविक माता-पिता या अभिभावक सिद्ध नहीं होता, तब तक उसे बच्चे की कस्टडी नहीं दी जाएगी।
तस्करी या शोषण की पुष्टि पर कड़ी कार्रवाई
डॉ. कौर ने यह भी चेतावनी दी कि यदि DNA रिपोर्ट में यह सिद्ध हो जाए कि वयस्क और बच्चे के बीच कोई जैविक संबंध नहीं है, तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें गिरफ्तारी, मुकदमा और संभावित कारावास शामिल हो सकता है।






