भीख मंगवाने वाले बच्चों को लेकर बड़ी कार्रवाई: गार्जियन होंगे ‘अनफिट’, डीएनए टेस्ट से होगा खुलासा
पंजाब सरकार ने बच्चों से भीख मंगवाने वालों के खिलाफ बड़ी मुहिम छेड़ दी है। ‘जीवनजोत प्रोजेक्ट-2’ के तहत केवल दो दिनों में राज्यभर में 18 जगहों पर छापेमारी कर 41 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। खास बात यह है कि संदिग्ध मामलों में अब बच्चों और अभिभावकों का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे उनके असली माता-पिता हैं या नहीं।
संदिग्ध मामले, डीएनए से होगी सच्चाई सामने
बठिंडा में पकड़े गए कुछ बच्चों को लेकर अधिकारियों को संदेह है कि वे असली माता-पिता के साथ नहीं थे। ऐसे में अब इन बच्चों का डीएनए टेस्ट करवाया जाएगा। जब तक रिपोर्ट नहीं आती, बच्चों को बाल सुधार गृह में रखा जाएगा।
बच्चों से जबरन भीख मंगवाने पर ‘अनफिट गार्जियन’
राज्य की सामाजिक सुरक्षा मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि जो माता-पिता बच्चों से जबरन भीख मंगवाते हैं, उन्हें पहले चेतावनी दी जाएगी। लेकिन अगर वे नहीं मानते, तो उन्हें “अनफिट गार्जियन” घोषित कर दिया जाएगा और बच्चों को गोद देने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
गिरोहों को होगी सख्त सजा
इस अमानवीय धंधे में शामिल किसी भी गिरोह या रैकेट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को 5 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
सरकार की अपील:
“हर बच्चे का बचपन सुरक्षित होना चाहिए।”
सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि अगर कहीं भी बच्चे से भीख मंगवाते देखा जाए, तो तुरंत पुलिस या चाइल्डलाइन को सूचित करें।






