Kisan Andolan:CM मान की कैबिनेट ने की डल्लेवाल से मुलाकात,अनशन जारी रखने के बावजूद इलाज लेने की अपील
Kisan Andolan: खनौरी बॉर्डर पर 30 दिनों से मरणव्रत पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से 25 दिसंबर को पंजाब सरकार के मंत्री और विधायकों ने मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल की अगुआई पंजाब के सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री अमन अरोड़ा ने की। बैठक के बाद मंत्री अरोड़ा ने मीडिया को बताया कि उनकी टीम ने डल्लेवाल से अनशन खत्म करने की अपील की है।
संघर्ष जारी रखने की सलाह, लेकिन इलाज जरूरी
मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि उन्होंने डल्लेवाल को संघर्ष जारी रखने की सलाह दी, लेकिन साथ ही उनसे मेडिकल इलाज शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “डल्लेवाल का संघर्ष लंबा चलने वाला है। यह तभी सफल होगा जब वह तंदुरुस्त रहेंगे। हमें उम्मीद है कि वह हमारी अपील पर विचार करेंगे।”
केंद्र सरकार की आलोचना
अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार के संपर्क में है। उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा, “यह शर्मनाक है कि मोदी सरकार किसानों की मांगों और डल्लेवाल के बिगड़ते स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे रही। उनकी मांगें न्यायोचित हैं और उन्हें तुरंत स्वीकार किया जाना चाहिए।”
सर्वदलीय बैठक बुलाने की तैयारी
मंत्री अरोड़ा ने कहा कि किसानों के मुद्दों पर चर्चा के लिए पंजाब सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाने को तैयार है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह मुद्दा मुख्य रूप से केंद्र सरकार से जुड़ा हुआ है और उसकी निष्क्रियता दुर्भाग्यपूर्ण है।
मेडिकल टीम धरना स्थल पर मौजूद
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि सरकार की डॉक्टरों की टीम शुरू से ही डल्लेवाल की नियमित जांच कर रही है। उन्होंने कहा, “डल्लेवाल अनशन जारी रख सकते हैं, लेकिन उन्हें इलाज शुरू कर देना चाहिए। उनकी किडनी और लीवर में तनाव के लक्षण हैं। हम उनकी सहमति से धरना स्थल पर इलाज शुरू करने को तैयार हैं।”
बैठक में मौजूद नेता
इस मुलाकात में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, कार्यकारी अध्यक्ष अमनशेर सिंह शैरी कलसी, कुलदीप सिंह धालीवाल, तरुणप्रीत सिंह सोंध, हरदीप सिंह मुंडियां और लालजीत सिंह भुल्लर सहित अन्य नेता शामिल थे।
किसानों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता
अरोड़ा ने अंत में कहा कि पंजाब सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनकी न्यायसंगत मांगों को पूरा कराने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यह संघर्ष लंबा चल सकता है, और इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदारी उठानी होगी।






