CM नायब सिंह सैनी ने ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ की दूसरी किस्त की जारी

Haryana : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ की दूसरी किस्त जारी की। आज की किश्त जारी होने के साथ ही 7 लाख 1 हजार 965 लाभार्थी बहनों के खातों में लगभग 148 करोड़ रुपये की राशि का लाभ पहुंचा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि अब इस योजना का लाभ 3 माह के अंतराल में दिया जाएगा और 3 माह की राशि का एक साथ भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं के सामाजिक सशक्तिकरण और आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में एक मजबूत पहल है।
उन्होंने कहा कि गत 25 सितंबर को ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ ऐप का शुभारंभ पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी के 109वें जन्मदिवस के अवसर पर किया था। उसके बाद 1 नवंबर को पात्र महिलाओं को पहली किस्त जारी कर उन्हें लाभ प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐप पर गत 30 नवंबर तक 9 लाख 592 महिलाओं ने आवेदन किया है। इनमें से 7 लाख 1 हजार 965 महिलाएं पात्र पाई गई हैं। इनमें से 5 लाख 58 हजार 346 महिलाओं ने अपना आधार KYC पूरा कर लिया है। जबकि, 1 लाख 43 हजार 619 महिलाओं का वेरिफिकेशन पेंडिंग है।
उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं का आधार केवाईसी का अंतिम चरण अभी भी बकाया है, उनसे निवेदन है कि वे जल्द से जल्द इसे पूरा कर लें। जैसे ही यह प्रोसेस पूरा होगा, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
टेक्नोलॉजी से पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का लाभ 23 वर्ष या इससे अधिक आयु की वे सभी महिलाएं ले सकती हैं, जिनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है। इस योजना का विशेष पहलू यह है कि परिवार की सभी पात्र महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं। इस योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन है। आवेदन ‘लाडो लक्ष्मी मोबाइल ऐप’ के माध्यम से किसी भी स्थान से किसी भी समय सरलता से किया जा सकता है।
लाइव फोटो खींचकर अपलोड करें
उन्होंने कहा कि आवेदन पूरा होते ही 24 से 48 घंटे में सारी वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी कर ली जाती है और पात्र पाई गई महिलाओं को एसएमएस द्वारा सूचित कर दिया जाता है। इस एसएमएस में उनसे निवेदन किया जाता है कि वे आवेदन के अंतिम चरण में इसी ऐप पर दोबारा जाकर अपना लाइव फोटो खींचकर अपलोड करें। जैसे ही आधार डेटाबेस के माध्यम से ई- केवाईसी हो जाती है, उसके बाद सेवा विभाग इस योजना की आईडी जारी कर देता है।






