आज की ख़बरपंजाब

शर्मनाक हार से बौखलाई विपक्षी पार्टियां जनता के स्पष्ट जनादेश के बावजूद पंजाब के सबसे शांतिपूर्ण नगर निगम चुनावों पर सवाल उठा रही हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

चंडीगढ़, 30 मई:

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि नगर निगम चुनावों में करारी हार के बाद बौखलाई विपक्षी पार्टियों ने अब चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने इन चुनावों को राज्य के इतिहास के सबसे शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और पारदर्शी स्थानीय निकाय चुनाव बताया।

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि ये स्थानीय निकाय चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों। राज्य सरकार के वे कर्मचारी प्रशंसा के पात्र हैं जिन्होंने इन चुनावों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई। हालांकि विपक्ष अपनी शर्मनाक हार को पचा नहीं पा रहा है और अब चुनाव परिणामों को लेकर अनावश्यक शोर मचा रहा है।”

उन्होंने कहा कि चुनावों की निष्पक्षता इस तथ्य से स्पष्ट होती है कि कई वार्डों और स्थानीय निकायों में विपक्षी उम्मीदवार भी विजयी हुए हैं, जिनमें बेहद कम अंतर से जीतने वाले उम्मीदवार भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, “इन चुनावों की पारदर्शिता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई क्षेत्रों में विपक्षी उम्मीदवारों ने सीटें जीतीं और कुछ ने तो बहुत कम मतों के अंतर से विजय प्राप्त की। यह जनता की वास्तविक इच्छा को दर्शाता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों को पंजाब की जनता ने बार-बार इसलिए नकारा है क्योंकि वे कोई सकारात्मक एजेंडा प्रस्तुत करने में असफल रहे हैं। उन्होंने कहा, “पिछले चार वर्षों के दौरान पंजाब के लोग ‘आप’ और उसकी जन-समर्थक नीतियों के साथ चट्टान की तरह खड़े रहे हैं। हमने जनता के सक्रिय सहयोग से हर उपचुनाव, पंचायत चुनाव, जिला परिषद चुनाव, नगर निगम चुनाव और अन्य चुनावी मुकाबलों में जीत हासिल की है। ये परिणाम हमारी सरकार में पंजाबियों के अटूट विश्वास को दर्शाते हैं।”
पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, “केवल सिंह ढिल्लों को हमेशा कैप्टन अमरिंदर सिंह का करीबी माना जाता रहा है। अब दोनों नेता अलग-अलग राहों पर चलते दिखाई देते हैं और इस बदलाव का कारण वही बेहतर जानते हैं। यह अब भी एक रहस्य है कि दोनों के बीच की निकटता आखिर क्यों समाप्त हो गई।”

उन्होंने राजनीतिक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान जब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने संगरूर से चुनाव लड़ा था, तब केवल सिंह ढिल्लों ने उनका समर्थन किया था। मुख्यमंत्री ने कहा, “निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी भाजपा से अधिक सीटें हासिल की हैं। पंजाब के लोगों ने भाजपा को पांचवें स्थान पर पहुंचा दिया है। यह जनादेश स्पष्ट रूप से उसके नकारात्मक एजेंडे को जनता द्वारा खारिज किए जाने का प्रतीक है।”

राज्य की भविष्य की राजनीतिक परिस्थितियों पर विश्वास व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बात बिल्कुल स्पष्ट है कि अगला विधानसभा चुनाव कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा के बीच दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान की लड़ाई तक सीमित रहेगा, जबकि ‘आप’ जनता के आशीर्वाद और समर्थन से आसानी से सरकार बनाएगी।”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button