पूंडरी में पुलिस और गैंगस्टरों के बीच मुठभेड़, दो बदमाश गिरफ्तार, आरोपियों पर पहले से ही कई मामले दर्ज

पूंडरी क्षेत्र में शुक्रवार तडक़े करीब चार बजे स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट (एसडीयू) और पंजाब के बावरिया गैंग से जुड़े दो इनामी बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान पंजाब के जिला बठिंडा के मौड़ मंडी निवासी सगे भाइयों सोहन सिंह और धर्मबीर के रूप में हुई है। दोनों आरोपी 9 जून को चीका के हुड्डा सेक्टर में हुई करीब एक करोड़ रुपये की चोरी के मामले में वांछित थे। पुलिस ने दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। आरोपियों के कब्जे से दो अवैध देसी पिस्तौल, कारतूस और वारदात में प्रयुक्त होंडा डब्ल्यूआर-वी कार बरामद की गई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे हरियाणा और पंजाब में चोरी तथा लूट की कई वारदातों में शामिल रहे हैं। उन्होंने पंजाब में ट्रेनों में लूटपाट की घटनाओं को भी अंजाम देने की बात कबूल की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले शाम के समय बंद मकानों की रेकी करते थे और जिन घरों में लाइट बंद मिलती थी, उन्हें देर रात निशाना बनाकर चोरी करते थे। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद आरोपियों से गिरोह के अन्य सदस्यों और अन्य वारदातों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
वहीं, डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया कि एसडीयू प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार और एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम चोरी के मामले की जांच कर रही थी। वीरवार देर रात सूचना मिली कि दोनों आरोपी पूंडरी क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर सिकंदरखेड़ी-बरसाना रोड पर नाकाबंदी की गई। वहीं कार पीछा करने के दौरान उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसके बाद दोनों बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ के दौरान एक गोली हेड कांस्टेबल और दूसरी इंस्पेक्टर की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए धर्मबीर के बाएं पैर और सोहन सिंह के दाएं पैर में गोली मारकर दोनों को काबू कर लिया।






