मोहाली बॉर्डर पर किसानों और पुलिस में झड़प

चंडीगढ़
पंजाब के किसानों की शुक्रवार को मोहाली बॉर्डर पर चंडीगढ़ पुलिस के साथ हिंसक झड़प हुई। अपनी मांगों को लेकर चंडीगढ़ में लोकभवन की ओर बढ़ रहे किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने मोहाली बॉर्डर पर वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हुए। दरअसल हरियाणा एवं पंजाब की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ के भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) में पंजाब की स्थायी सदस्यता के अधिकार को खत्म करने के विरोध में शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने मोहाली से चंडीगढ़ कूच किया। किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेड लगाए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की। इस दौरान मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर किसानों की पुलिस से भिड़ंत हो गई। पुलिस ने पानी की बौछार कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। किसान गवर्नर हाउस का घेराव करने के लिए आगे बढ़ रहे थे। सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान मोहाली के फेज-8 स्थित नेचर पार्क में जुटने शुरू हो गए थे। किसानों के मार्च को देखते हुए पुलिस पहले से अलर्ट पर रही।
पुलिस ने वाईपीएस चौक से चंडीगढ़ जाने वाले मुख्य रास्ते को सील कर दिया। इसके अलावा सेक्टर-50 की ओर जाने वाली सडक़ पर भी भारी बैरिकेडिंग की गई, क्योंकि यह रास्ता राज्यपाल के आसपास के इलाके की तरफ जाता है। इसके बावजूद किसान सेक्टर-50 वाले मार्ग पर आगे बढऩे की कोशिश करते रहे। मौके पर तनाव बढ़ गया और किसानों व पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई। किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ लगी लोहे की चेन की मदद से बैरिकेडिंग उखाड़ दी और आगे बढऩे का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछारें भी छोड़ीं। इसके बाद किसानों ने एसएसपी कंवरदीप कौर के साथ बैठक की। बाद में पंजाब राज्य भवन से आए एक अधिकारी को किसानों ने मांग पत्र दिया।






