
कुरुक्षेत्र, 8 जून। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में सोशल वर्क विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए मास्टर ऑफ सोशल वर्क (एमएसडब्ल्यू) प्रोग्राम में प्रवेश की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। विभाग की अध्यक्षा प्रो. वनिता ढींगरा ने बताया कि यह दो वर्षीय (चार सेमेस्टर) पेशेवर डिग्री प्रोग्राम उन युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं और एक सार्थक करियर की तलाश में हैं। दो वर्षीय एमएसडब्ल्यू कार्यक्रम में प्रवेश के लिए किसी भी विषय में स्नातक डिग्री में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होना आवश्यक है। इस कार्यक्रम में कुल 50 सीटें उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विश्वविद्यालय एक वर्षीय एमएसडब्ल्यू कार्यक्रम भी संचालित कर रहा है। इस कार्यक्रम में प्रवेश के लिए सोशल वर्क विषय में चार वर्षीय ऑनर्स अथवा ऑनर्स विद रिसर्च स्नातक डिग्री में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक या समकक्ष सीजीपीए होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त सोशल वर्क में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा धारक अभ्यर्थी भी निर्धारित पात्रता शर्तों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। इस कार्यक्रम में कुल 17 सीटें उपलब्ध हैं।
प्रो. वनिता ढींगरा ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का एमएसडब्ल्यू प्रोग्राम अपनी मजबूत शैक्षणिक नींव, व्यापक फील्ड वर्क एक्सपोजर और सामुदायिक आधारित शिक्षा के लिए जाना जाता है। प्रोग्राम के दौरान छात्रों को इंटर्नशिप के पर्याप्त अवसर प्रदान किए जाते हैं, जिससे वे वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो जाते हैं। विश्वविद्यालय अनुसंधान उन्मुखीकरण पर विशेष जोर देता है और परिसर में प्लेसमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराता है। इस प्रोग्राम में छात्र चार प्रमुख क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं। चिकित्सा एवं मनश्चिकित्सा सामाजिक कार्य, परिवार एवं बाल कल्याण, सामुदायिक विकास, तथा एचआरएम, औद्योगिक संबंध और श्रम कल्याण ये सभी क्षेत्र आज के समय में अत्यधिक प्रासंगिक और मांग वाले हैं।
प्रो. वनिता ढींगरा ने बताया कि छात्रों को पढ़ाई के दौरान कई उन्नत सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं, जिनमें आईसीटी युक्त स्मार्ट क्लासरूम, विशाल विश्वविद्यालय पुस्तकालय, सुसज्जित कंप्यूटर लैब, फील्डवर्क ट्रेनिंग, इंटर्नशिप सहायता, सेमिनार और कार्यशालाओं के लिए समर्पित कॉन्फ्रेंस रूम की सुविधा शामिल है।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि इस प्रोग्राम को पूरा करने के बाद करियर के अनगिनत अवसर खुलते हैं। स्नातक समाज सेवक, चिकित्सा समाज सेवक, काउंसलर, कल्याण अधिकारी, पुनर्वास अधिकारी, श्रम कल्याण अधिकारी, सामुदायिक विकास अधिकारी, सीएसआर कार्यकारी, एनजीओ पेशेवर, एचआर मैनेजर के रूप में कार्य कर सकते हैं। इसके अलावा, सरकारी क्षेत्र में भी उनके लिए कई अवसर उपलब्ध हैं। प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक उम्मीदवार दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके या सीधे विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।





