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टेलेंट होना अवगुण है, जो होना है, वह होकर रहेगा, जिम्मेदारी न मिलने पर छलका मनीष तिवारी का दर्द

नई दिल्ली

पंजाब कांग्रेस द्वारा विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न संगठनात्मक और चुनावी समितियों के गठन के बाद चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का दर्द सोशल मीडिया पर छलकता नजर आया। पोस्ट में तिवारी ने संकेत दिया कि टेलेंट होना एक अवगुण बन गया है और कहा कि उनके पास व्यक्तियों और संस्थानों की असुरक्षाओं का कोई समाधान नहीं है। कांग्रेस के साथ अपने 45 साल के जुड़ाव का जिक्र करते हुए, उन्होंने माना कि पार्टी ने उन्हें काफी कुछ दिया है। पंजाब कांग्रेस की नई कमेटियों की घोषणा के बाद श्री तिवारी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि है बड़ा कोई अवगुण उसमें, जिसे कोई हुनर आवे। उन्होंने लिखा कि काश मेरे पास लोगों और संस्थाओं की असुरक्षाओं का भी कोई इलाज (गिद्दड़ सिंघी) होता! फिर भी, मैं इतना जरूर कहूंगा कि पिछले 45 वर्षों में कांग्रेस ने मुझे बहुत कुछ दिया है।

बदले में मैंने भी अपना पूरा वयस्क जीवन कांग्रेस की सेवा के लिए समर्पित किया है। जो होना है, वह होकर रहेगा। उन्होंने पोस्ट के जरिए पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। मनीष तिवारी ने साफ तौर पर कहा है कि उन्होंने अपनी जिंदगी के 45 साल इस पार्टी को दिए हैं, लेकिन आज कुछ लोगों की असुरक्षा की भावना के कारण ऐसा फैसला लिया गया है। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना लिखा कि जब आपकी योग्यता दूसरों की असुरक्षा बन जाती है, तो फैसले सांगठनिक नहीं, बल्कि व्यक्तिगत पूर्वाग्रहों से प्रेरित होते हैं।

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