नीट पेपर लीक की जवाबदेही तय होनी चाहिए, सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, सिफारिशों के बावजूद पेपर लीक कैसे हुआ

नई दिल्ली
नीट पेपर लीक मामले पर सुनवाई के दौरान शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणियां की। कोर्ट ने कहा कि नीट पेपर लीक कैसे हुआ, इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। विशेषज्ञ समिति की सभी सिफारिशों को लागू किया गया, तो ऐसा कैसे हुआ, आखिर सच्चाई क्या है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में जब तक जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, ये घटनाएं रुकेंगी नहीं। कोर्ट ने समिति के अध्यक्ष से कहा कि हम आपसे पूछना चाहते हैं कि आप मूल रूप से विशेषज्ञ समिति के सदस्य थे, कार्यान्वयन की निगरानी कितनी हुई, यह विफलता कैसे हुई? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एचपीसी की सिफारिशों के आधार पर आपकी निगरानी के बावजूद, यदि यह घटना घटी है, तो सिफारिश में ही कोई समस्या है या हो सकता है कि निगरानी हुई ही न हो। क ोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) से सवाल किया कि यूपीएससी तो आपसे बड़े पैमाने पर परीक्षा करवाता है, वहां कभी पेपर लीक नहीं हुआ।
एनटीए को उनसे सीखने की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि यह बहुत ही संवेदनशील मामला है। आखिर यह कैसे हुआ, हकीकत सामने आनी चाहिए। केस की सुनवाआई कर रहे जस्टिस नरसिम्हा ने शिक्षा मंत्रालय से नीट-यूजी परीक्षाओं की जांच प्रक्रिया का ब्योरा मांगा है। उधर, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि एनटीए और समिति ने हलफनामे दाखिल किए हैं और सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है। पीएम मोदी स्वयं मामले की निगरानी कर रहे हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसा है तो बहुत दुखद है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।






