बस स्टैंड निर्माण पर बवाल, दो पक्षों में झड़प, खुदाई शुरू होते की भडक़े लोग, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी

अंबाला के ब्राह्मण माजरा गांव में बस स्टैंड के निर्माण को लेकर पिछले एक सप्ताह से चल रहा गतिरोध सोमवार को हंगामे में बदल गया। सुबह जैसे ही निर्माण स्थल पर प्रशासनिक अमले ने जेसीबी से खुदाई शुरू की। वैसे ही दो पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते माहौल इतना गरमा गया कि मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल के सामने ही दोनों गुट आपस में भिड़ गए। झड़प के बाद गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और एक पक्ष मांग को लेकर धरने पर बैठ गया है। गांव में बस स्टैंड के लिए तय की गई जगह को लेकर पिछले सात दिनों से दो पक्षों में खींचतान चल रही थी। एक पक्ष का आरोप है कि बस स्टैंड का निर्माण रविदास चौपाल के ठीक सामने किया जा रहा है, जिसका वह लगातार विरोध कर रहे हैं। बस के साथ ही शराब का सेवन होता है। दूसरा पक्ष बस स्टैंड बनाने की मांग पर अड़ा हुआ है। सोमवार सुबह प्रशासन ने जब विवाद को दरकिनार कर जेसीबी मशीनों के साथ खुदाई का काम शुरू करवाया तो विरोध कर रहे ग्रामीण उग्र हो गए। विवाद की आशंका को देखते हुए मौके पर पहले से ही पुलिस फोर्स तैनात की गई थी, लेकिन जैसे ही काम शुरू हुआ, दोनों पक्षों के सैकड़ों लोग वहां जमा हो गए।
पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव और दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित ग्रामीण पुलिस के सामने ही आपस में उलझ गए। दोनों ओर से जमकर नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई। झड़प के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने फिलहाल काम को रुकवा दिया है, लेकिन गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात रखा गया है। वहीं, रविदास चौपाल के सामने बस स्टैंड का विरोध कर रहा पक्ष निर्माण स्थल के पास ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक बस स्टैंड की जगह को नहीं बदला जाता वे अपना धरना समाप्त नहीं करेंगे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी दोनों पक्षों के मौजिज लोगों के साथ बैठक कर समझौता कराने के प्रयास में जुटे हैं। वहीं, लोगों ने प्रशासन से जल्द इस मसले को सुलझाने की उठाई मांग। उग्र आंदोलन की दी चेतावनी।





