पंजाब

रोज़गार, शिक्षा और सामाजिक समानता के बल पर मान सरकार ने बदला पंजाब का भविष्य: डॉ. बलजीत कौर

चंडीगढ़, 5 अगस्त:

पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आज पंजाब विधानसभा में कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सामाजिक समानता को विकास का मजबूत आधार बनाकर पंजाब के भविष्य को बदलने की ऐतिहासिक शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा आत्मनिर्भर, समानतापूर्ण और समृद्ध पंजाब बनाना है, जहां प्रत्येक युवा को अपने ही राज्य में सम्मानजनक रोजगार तथा प्रत्येक बच्चे को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध हो।

प्रसिद्ध शायर डॉ. नवतेज भारती के शब्दों का उल्लेख करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “काम करते हाथ जब एक-दूसरे से मिलते हैं, तब यह दुनिया जीने योग्य बन जाती है। हमारी धरती सूर्य के चारों ओर नहीं, बल्कि मेहनतकश हाथों के इर्द-गिर्द घूमती है।” उन्होंने कहा कि यही सोच मान सरकार की जनपक्षीय नीतियों और लोककल्याणकारी योजनाओं की प्रेरणा है।

उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं का रोजगार के लिए विदेशों की ओर रुख करना लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रहा है। पिछले चार वर्षों के दौरान मान सरकार ने बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित कर इस प्रवृत्ति को बदलने की सार्थक शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास और समृद्धि में समान भागीदार बनाना है।

अपने विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि गांव फकरसर के 25 युवाओं को पिछले चार वर्षों में रोजगार मिला है, जिनमें से 20 अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि सरकार की नीतियों का लाभ समाज के जरूरतमंद और वंचित वर्गों तक सीधे पहुंच रहा है।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पिछली सरकारों ने तीन वर्षों तक अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्तियां रोककर हजारों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, जबकि मान सरकार ने सत्ता संभालते ही इस योजना को दोबारा शुरू किया और लाभार्थियों की संख्या में 35 प्रतिशत की वृद्धि की। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में 10 लाख से अधिक अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ मिला है।

उन्होंने कहा कि 10 हजार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती केवल सरकारी नौकरियां देना नहीं, बल्कि विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इस निर्णय से हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है तथा महिलाओं का आत्मविश्वास और आर्थिक आत्मनिर्भरता भी बढ़ी है।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा सरकारी स्कूलों में किए जा रहे ऐतिहासिक सुधारों की सराहना करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि शिक्षा और रोजगार का संबंध अटूट है। उन्होंने प्रसिद्ध कवि डॉ. सुरजीत पातर की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा, “कितना गहरा रिश्ता है अक्षरों और रोज़ी-रोटी का।” उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही स्थायी रोजगार और सामाजिक प्रगति की सबसे मजबूत नींव है।

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