पंजाब

हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए हमारी सरकार 7,000 किलोमीटर नई पाइपलाइनें बिछाएगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

मोगा; 29 जून:

 

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि पंजाब के हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए उनकी सरकार इस वर्ष के अंत तक 7,000 किलोमीटर और पाइपलाइनें बिछाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें पहले ही बिछाई जा चुकी हैं, जो कनाडा से मोगा तक की दूरी के बराबर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार भूमिगत जल स्तर को ऊंचा उठाने के लिए वाटर रिचार्ज प्वाइंट भी बना रही है।

 

मोगा के भल्लूर में आयोजित एक ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने लगभग 80 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि तक नहरी पानी पहुंचाना सुनिश्चित किया है, जबकि पिछली सरकारों ने किसानों की अनदेखी की थी।

 

मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों में जनता द्वारा नकारी गई पार्टियां मेरे खिलाफ इसलिए एकजुट हो गई हैं क्योंकि वे उनकी सरकार के कार्यों का मुकाबला नहीं कर सकतीं। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के लोग अपने शासनकाल के दौरान राज्य को लूटने वालों को कभी भी दोबारा सत्ता में नहीं आने देंगे।

 

लोक मिलनी के दौरान लोगों की भारी सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने राज्य के कोने-कोने में किसानों की सुविधा के लिए पूरे प्रदेश में 14,000 किलोमीटर पाइपें बिछाई हैं और खाले बनाए हैं। अब तक इन पाइपलाइनों और खालों में 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है ताकि किसानों की सिंचाई संबंधी जरूरतों को पूरा कर उन्हें बड़ा लाभ पहुंचाया जा सके। नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं ताकि जल स्तर को ऊंचा उठाया जा सके और इससे पानी का स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है।”

 

सिंचाई और बेअदबी के मुद्दे पर अकालियों पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकालियों, खासकर बादलों को कभी यह पता ही नहीं था कि एक आम किसान के लिए नहरी पानी का क्या महत्व है, क्योंकि खाल केवल उनके अपने खेतों में ही समाप्त होते थे। जब वे सत्ता में थे, तब वे ऐसा कानून बनाने के लिए कभी भी गंभीर नहीं थे। सच्चाई यह है कि उनकी नीयत में खोट थी। अकालियों ने अपने राजनीतिक हितों के लिए बेअदबी की घटनाएं होने दीं। अकाली दल अब केवल ‘ननद-भाभी’ की पार्टी बनकर रह गया है, क्योंकि ननद सांसद है और भाभी पंजाब विधानसभा में विधायक हैं।”

 

सुखबीर बादल पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “सुखबीर बादल वर्ष 2022 की हार के कारण अभी भी सदमे में हैं और आज भी सपनों की दुनिया में जी रहे हैं, जो उनके बयानों से साफ झलकता है। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने हाल ही में कहा है कि उन्होंने अपने सभी विधायकों को विधानसभा में न जाने के आदेश दिए हैं। वे यह भूल गए हैं कि अकाली दल का अब केवल एक ही विधायक बचा है, जो उनका रिश्तेदार ही है। अकाली, कांग्रेस और भाजपा जानते हैं कि वे राजनीतिक रूप से मेरा मुकाबला नहीं कर सकते, इसलिए वे फर्जी वीडियो के माध्यम से धार्मिक मुद्दों पर मुझे बदनाम करने के लिए एकजुट हो गए हैं।”

 

उन्होंने आगे कहा, “अकाली नेताओं ने अपने लंबे और जालिमाना शासनकाल के दौरान राज्य को बेरहमी से लूटा और आम आदमी पर अनगिनत तथा अक्षम्य अत्याचार किए। अकालियों ने पंजाबियों की मानसिकता को गहरी ठेस पहुंचाई और पंजाब को बर्बाद करने के लिए राज्य में कई माफियाओं को संरक्षण दिया। अकाली नेतृत्व को कभी भी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि वह राज्य की कई पीढ़ियों की बर्बादी के लिए जिम्मेदार था, क्योंकि उनके लंबे कुशासन के दौरान नशे के कारोबार को संरक्षण मिला। अकालियों ने पूरे राज्य में ‘चिट्टे’ की आपूर्ति के लिए अपनी सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल किया और हमारे नौजवानों की चिताएं जलाईं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पारंपरिक राजनीतिक दल लगातार मुझ पर कोई न कोई आरोप लगाकर मुझे बदनाम करने की कोशिश करते रहते हैं। अब एस.जी.पी.सी. (शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति) ने गुरुद्वारों के बाहर मेरे बहिष्कार के पोस्टर लगाने के आदेश दिए हैं। हालांकि, ऐसे पोस्टर अकाली दल या सुखबीर बादल के खिलाफ क्यों नहीं लगाए गए, जब उन्होंने बेअदबी की घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार की थी? 2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होकर उन्होंने अपनी गलतियां स्वीकार कीं, अपने गुनाह कबूल किए, गोलीकांड की घटनाओं की जिम्मेदारी ली और माना कि संगत के खिलाफ आदेश दिए गए थे। क्या किसी ने गुरुद्वारों के बाहर उनके बहिष्कार के पोस्टर लगाए थे?”

 

राज्यभर से मिल रहे जनसमर्थन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “संगत समझदार है और जनता ही सर्वोच्च है। ये लोग अहंकार में आकर यह सब कर रहे हैं क्योंकि उनके पास मेरे खिलाफ कोई वास्तविक मुद्दा नहीं बचा है। जब भी मैं गांवों, सामाजिक समारोहों और जनसभाओं में जाता हूं तो भारी जनसमूह उमड़ता है। विपक्ष इस भीड़ को बर्दाश्त नहीं कर सकता क्योंकि वह स्वयं ऐसा जनसमर्थन हासिल नहीं कर सकता। इसी बौखलाहट में पारंपरिक राजनीतिक दल मुझ पर बेबुनियाद आरोप लगाकर बेहद घटिया स्तर की राजनीति पर उतर आए हैं, जिसे जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।”

 

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