हरियाणा में विकास परियोजनाओं पर CM का सख्त रुख: बिना मंजूरी कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाने पर होगी कार्रवाई, दोषियों को चार्जशीट और रिटायरमेंट की चेतावनी
चंडीगढ़ | 11 जुलाई 2025: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि कोई भी विभागीय अधिकारी या कंसल्टेंट अगर बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के किसी कॉन्ट्रैक्ट की राशि बढ़ाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग से संबंधित कैबिनेट सब कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने कहा कि गलत एस्टीमेट या प्रक्रियागत चूक के कारण अगर लागत बढ़ती है, तो दोषियों को चार्जशीट देकर अनिवार्य सेवानिवृत्त तक किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री के मुख्य निर्देश:
-
बिना पूर्व अनुमोदन के अनुबंध राशि बढ़ाने पर कार्रवाई तय।
-
गलत एस्टीमेट पर दोषियों को चार्जशीट और रिटायरमेंट की चेतावनी।
-
नॉन शेड्यूल आइटम्स की संख्या कम करने के निर्देश।
-
हर परियोजना में पूरी संरचनात्मक डिज़ाइन शामिल करना अनिवार्य।
-
पारदर्शिता और गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अब विकास परियोजनाओं पर सरकार की निगरानी और सख्त की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेताया कि यदि किसी ने लापरवाही की, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
“लापरवाही करने वाले अफसर नपेंगे”
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि राज्य सरकार जनता को अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के उच्चतम मानकों के साथ कार्य कर रही है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में शामिल हुए यह प्रमुख अधिकारी:
बैठक में लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल, विनीत गर्ग, टी.एल. सत्यप्रकाश, यशपाल यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






