हेल्थकेयर में डिजिटल क्रांति: सेल्सफोर्स और जीना सीखो लाइफकेयर की साझेदारी से आयुर्वेद को मिला टेक्नोलॉजी का साथ

चंडीगढ़, 11 सितंबर 2025: आयुर्वेदिक हेल्थकेयर और आधुनिक तकनीक का अभूतपूर्व संगम अब हकीकत बन चुका है। दुनिया की #1 AI CRM कंपनी सेल्सफोर्स ने भारत की अग्रणी आयुर्वेदिक हेल्थ और वेलनेस कंपनी जीना सीखो लाइफकेयर के साथ हाथ मिलाया है। इस साझेदारी का मकसद है – डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को तेज करना, मरीज देखभाल को बेहतर बनाना और AI-संचालित हेल्थ इनोवेशन को बढ़ावा देना।
टेक्नोलॉजी + आयुर्वेद = हेल्थकेयर का भविष्य
इस सहयोग को क्वाड्राफोर्ट टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर अंजाम दिया जा रहा है, जो हेल्थ सेक्टर में एक महत्वपूर्ण डिजिटल मोड़ ला रहा है। सेल्सफोर्स सर्विस क्लाउड और मार्केटिंग क्लाउड की ताकत से जीना सीखो ने अब:
1,000+ मासिक वर्चुअल OPD सेशंस को संभालना शुरू कर दिया है।
कॉल सेंटर रिस्पांस टाइम में 50% सुधार हासिल किया है।
मरीजों की सहभागिता और अनुभव को कई गुना बढ़ाया है।
उद्देश्य: सबके लिए स्मार्ट, व्यक्तिगत और सुलभ आयुर्वेदिक देखभाल
जीना सीखो अब एक ऐसी डिजिटल हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहा है जो आधुनिक तकनीक और पारंपरिक आयुर्वेद के मेल से हर मरीज को कुशल, तेज़ और व्यक्तिगत उपचार प्रदान करता है। इसका असर न सिर्फ ऑपरेशंस में बल्कि मरीजों की संतुष्टि और विश्वास में भी देखा जा रहा है।
आचार्य मनीष, मैनेजिंग डायरेक्टर, जीना सीखो लाइफकेयर:
“हमारा लक्ष्य है गंभीर बीमारियों का संपूर्ण इलाज करना और आयुर्वेद को आधुनिक तकनीक से जोड़कर हर घर तक पहुंचाना। सेल्सफोर्स के साथ मिलकर हम एक ऐसे सिस्टम का निर्माण कर रहे हैं जो हेल्थकेयर को नया आयाम देता है।”
अक्षय मूर्ति, रीजनल वाइस प्रेसिडेंट, सेल्स, सेल्सफोर्स इंडिया:
“भारत में आयुर्वेद को AI और डिजिटल इनोवेशन के साथ जोड़ने का यह सही समय है। जीना सीखो के साथ हमारी साझेदारी इस बदलाव की मिसाल बनेगी।”
वैभव वर्मा, COO, क्वाड्राफोर्ट टेक्नोलॉजीज:
“हमने जीना सीखो को रणनीतिक AI इंटीग्रेशन और डेटा-ड्रिवन निर्णयों के साथ सशक्त बनाया है। परिणाम स्पष्ट हैं – अधिक कुशल सेवा और बेहतर मरीज अनुभव।
“डिजिटल इंडिया” अब सिर्फ एक सपना नहीं, बल्कि आयुर्वेद और टेक्नोलॉजी के मेल से हेल्थकेयर का नया युग शुरू हो चुका है।
जीना सीखो लाइफकेयर और सेल्सफोर्स की यह साझेदारी ना केवल रोगियों के लिए उम्मीद की किरण है, बल्कि पूरे हेल्थकेयर सेक्टर के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
अब आयुर्वेद भी बोलेगा – “AI के साथ जीना सीखो!”






