फाइलों पर ब्रेक नहीं: ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने तय की ‘जीरो पेंडेंसी’ की नीति
अंबाला छावनी स्थित आवास से ही विभागीय फाइलों का निस्तारण, समयबद्ध फैसलों और ई-ऑफिस प्रणाली पर जोर
अंबाला | हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने प्रशासनिक कार्यशैली को तेज और परिणाममुखी बनाने के लिए स्पष्ट संदेश दिया है कि फाइलों की धीमी गति से सरकार की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। उन्होंने अपने अधीन ऊर्जा, परिवहन और श्रम विभागों में निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी फाइल बिना ठोस कारण के लंबित न रहे। हाल ही में इस नीति की झलक उस समय देखने को मिली जब वरिष्ठ अधिकारी विजय शर्मा अंबाला छावनी स्थित मंत्री आवास पर लंबित मामलों के निपटारे के लिए पहुंचे। इस दौरान मंत्री ने दो टूक कहा कि उनके कार्यालय से जुड़ा कोई भी कार्य अनावश्यक रूप से पेंडिंग नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अपने आवास से ही विभिन्न विभागीय प्रस्तावों और अनुमोदनों पर निर्णय लेकर फाइलों का निस्तारण किया।
समयबद्ध निर्णय पर विशेष जोर
ऊर्जा मंत्री अनिल विज का कहना है कि जनता से जुड़े मामलों में देरी स्वीकार्य नहीं है। उनके अनुसार प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही तभी मजबूत होती है, जब निर्णय प्रक्रिया स्पष्ट, तेज और परिणामोन्मुखी हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी योजनाएं, परियोजनाएं और वित्तीय स्वीकृतियां नियमों के तहत निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाएं, ताकि विकास कार्य बाधित न हों। उनका मानना है कि सरकारी कार्यालयों का मूल उद्देश्य जनता की सेवा है, न कि प्रक्रियाओं के जाल में उलझकर कार्यों को टालना।
आम नागरिकों से जुड़े विभाग, इसलिए सख्ती
ऊर्जा, परिवहन और श्रम जैसे विभाग सीधे तौर पर आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े हैं। इन विभागों में निर्णय में देरी का असर बिजली आपूर्ति, परिवहन सुविधाओं और श्रमिक कल्याण योजनाओं पर पड़ सकता है। मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
तकनीक से पारदर्शिता की ओर कदम
फाइल निस्तारण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। ई-ऑफिस प्रणाली और ऑनलाइन ट्रैकिंग व्यवस्था के जरिए फाइलों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इससे देरी की संभावना कम होगी और प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी। मंत्री अनिल विज ने दोहराया कि सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है और इसके लिए समयबद्ध फैसले सबसे महत्वपूर्ण हैं।






