PunjabTop Stories

पंजाब को स्थायी डीजीपी जल्द: सरकार ने 14 अफसरों का पैनल यूपीएससी को भेजा

पंजाब पुलिस को जल्द ही स्थायी डीजीपी मिल सकता है। पंजाब सरकार ने राज्य में नियमित पुलिस महानिदेशक के पद के लिए तीन उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने के लिए 14 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का एक पैनल संघ लोक सेवा आयोग को भेजा है।

फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने यूपीएससी को निर्देश दिए थे कि वे उन राज्यों से स्थायी डीजीपी के लिए पैनल मंगवाए जहां लंबे समय से कार्यवाहक डीजीपी के बूते काम चलाया जा रहा है। इन राज्यों में पंजाब भी शामिल है। यूपीएससी ने पंजाब के गृह विभाग को 10 दिन के भीतर वरिष्ठ आईपीएस अफसरों का पैनल भेजने के निर्देश दिए थे। इस पर कई दिन से मंथन चल रहा था। अंतत: अब सरकार ने इस पैनल में डीजी रैंक के 14 अफसरों का नाम यूपीएससी को भेजा है।

सूची में शामिल हैं ये नाम
सूची में 1992 बैच के IPS अधिकारी गौरव यादव, स्पेशल डीजीपी शरद सत्य चौहान (पंजाब विजिलेंस प्रमुख), स्पेशल डीजीपी (एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स) कुलदीप सिंह और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हरप्रीत सिंह सिद्धू के नाम शामिल हैं।

इसके अलावा, सूत्रों के अनुसार, स्पेशल डीजीपी (सामुदायिक मामले और महिला मामले) गुरप्रीत कौर देव, स्पेशल डीजीपी (पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन) जितेंद्र कुमार जैन, स्पेशल डीजीपी (रेलवे) शशि प्रभा द्विवेदी, स्पेशल डीजीपी (मुख्यालय) सुधांशु शेखर श्रीवास्तव, स्पेशल डीजीपी पीके सिन्हा, स्पेशल डीजीपी (यातायात और सड़क सुरक्षा) अमरदीप सिंह राय, और स्पेशल डीजीपी (साइबर अपराध) वी. नीरज, सहित अन्य लोग भी इस सूची में शामिल हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पिछले महीने कहा था कि उनकी सरकार एक नियमित डीजीपी के चयन के लिए अधिकारियों का एक पैनल भेजेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार
इससे पहले, पंजाब एक नियमित डीजीपी की नियुक्ति के लिए पैनल भेजने में हिचकिचा रहा था, जबकि यूपीएससी ने नियमित डीजीपी के चयन के लिए अधिकारियों का पैनल भेजने के लिए कई बार याद दिलाया था। फरवरी में, सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब समेत कुछ राज्यों को एक्टिंग डीजीपी रखने के लिए फटकार लगाई थी।

पंजाब सरकार ने 2023 में पंजाब पुलिस (संशोधन) बिल पास किया था, जो राज्य को एक अलग राज्य-स्तरीय समिति के जरिए डीजीपी नियुक्त करने का अधिकार देता है। हालांकि, इस बिल को अभी राष्ट्रपति की मंजूरी मिलना बाकी है।

आप सरकार ने जुलाई 2022 में गौरव यादव को एक्टिंग DGP नियुक्त किया था, जब राज्य पुलिस प्रमुख वीके भांवरा को छुट्टी पर भेज दिया गया था। प्रक्रिया के अनुसार, जब कोई राज्य नियमित डीजीपी नियुक्त करने के लिए अधिकारियों की एक सूची भेजता है, तो यूपीएससी की पैनल वाली समिति तीन अधिकारियों का एक पैनल वापस भेजती है, ताकि उनमें से किसी एक को राज्य पुलिस प्रमुख के तौर पर चुना जा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button