
चंडीगढ़/अमृतसर, 13 अप्रैल:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए जारी मुहिम के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर देहाती पुलिस ने जिला पुलिस फरीदकोट और काउंटर इंटेलिजेंस फिरोजपुर के साथ संयुक्त ऑपरेशन में दो पिस्तौल सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना भिंडी सैदां में हुए ग्रेनेड हमले के मामले को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। यह जानकारी आज यहां पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान अमृतसर के गांव चक्क डोगरा निवासी बलजीत सिंह; छोटा फतेहवाल निवासी प्रभ सिंह; बाबा गम चक्क बल्लरवाल निवासी राजबीर सिंह; ठट्टा राजपूतां निवासी सुखप्रीत सिंह; लोपोके निवासी अजयदीप सिंह उर्फ अजे उर्फ गजनी; और सारंगदेव निवासी साहिब सिंह उर्फ साबा के रूप में हुई है।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस मॉड्यूल को पाकिस्तान की आईएसआई का समर्थन प्राप्त था। उन्होंने कहा कि आरोपी पाकिस्तान स्थित हैंडलर के संपर्क में थे, जो विदेश से इस मॉड्यूल को संचालित कर रहा था। उक्त हैंडलर अपने कारिंदों को पंजाब में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने का काम सौंपता था।
डीजीपी ने बताया कि पुलिस संस्थानों को निशाना बनाने के उद्देश्य से इस मॉड्यूल को पूरी तरह कट्टरपंथी बनाया गया था और घटना को अंजाम देने के लिए आरोपियों को अच्छे पैसों का लालच देकर प्रेरित किया जाता था।
डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) संदीप गोयल ने बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी बलजीत सिंह और प्रभ सिंह ने घरिंडा के पास से दो हैंड ग्रेनेड हासिल किए थे। जांच में यह भी सामने आया कि घटना को अंजाम देने के लिए आरोपियों को बड़ी रकम देने का वादा किया गया था, लेकिन हमले के बाद पाकिस्तानी हैंडलर द्वारा उन्हें बहुत कम पैसे दिए गए।
कार्रवाई संबंधी विवरण साझा करते हुए एसएसपी फरीदकोट डॉ.प्रज्ञा जैन ने बताया कि अमृतसर देहाती पुलिस के साथ एक खुफिया अभियान में पुलिस टीमों ने थाना भिंडी सैदां ग्रेनेड हमले के मामले में शामिल दो आरोपियों को फरीदकोट से गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद आगे की जांच के दौरान चार अन्य आरोपियों को अमृतसर से गिरफ्तार किया गया।
अधिक जानकारी देते हुए एसएसपी अमृतसर देहाती सुहेल कासिम मीर ने बताया कि घटना वाले दिन तीन आरोपी—बलजीत सिंह, प्रभ सिंह और राजबीर सिंह—एक मोटरसाइकिल पर थाना भिंडी सैदां की ओर गए। उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल थाने से लगभग 1-2 किलोमीटर दूर पास के खेतों में खड़ी की और खेतों के रास्ते पैदल चलते हुए थाने के पीछे पहुंचे।






