
चंडीगढ़, 13 अप्रैल:
भगवंत मान सरकार द्वारा आज एक सख्त संशोधन बिल पेश किया गया, जिसमें ‘बेअदबी’ के मामलों में उम्रकैद की सजा का प्रावधान किया गया है। कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस बिल को न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम बताया।
आज जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026 विधानसभा में पेश किया गया। यह कदम राज्य सरकार की पिछली सरकारों से अलग सोच को दर्शाता है, जिसके तहत सरकार ने सख्त और समयबद्ध कार्रवाई करने तथा ‘बेअदबी’ के मामलों में किसी भी प्रकार के समझौते की गुंजाइश खत्म करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
पंजाब विधानसभा में इस ऐतिहासिक बिल पर चर्चा शुरू करते हुए विधायक श्री आनंदपुर साहिब हरजोत सिंह बैंस ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्रता की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने गर्व से कहा, “मैं आज केवल एक विधायक नहीं हूं। मैं उस धरती की आवाज हूं, जहां श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने 327 वर्ष पहले 13 अप्रैल को पूरी दुनिया को खालसा का उपहार दिया था।”
आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की पहलों की तुलना पिछली सरकारों से करते हुए उन्होंने कहा, “तथाकथित ‘पंथक’ सरकारें श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्रता की रक्षा के लिए सख्त कानून बनाने में असफल रहीं, बल्कि उनमें से कुछ नेता बेअदबी के मामलों में दोषी भी थे और बाद में उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब में अपने अपराध स्वीकार किए थे। हम साधारण पृष्ठभूमि से हैं और यहां तक पहुंचने की कभी कल्पना भी नहीं की थी। आज इस सरकार के माध्यम से बादशाह दरवेश श्री गुरु गोबिंद सिंह जी स्वयं हमसे यह सेवा करवा रहे हैं।”
मंत्री ने बिल की सराहना करते हुए इसे एक व्यापक और दूरदर्शी कानून बताया। उन्होंने इसके मुख्य प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि केवल डीएसपी रैंक या उससे ऊपर के अधिकारी ही ‘बेअदबी’ के मामलों की जांच कर सकेंगे और जांच व मुकदमे के लिए सख्त समय-सीमाएं निर्धारित की गई हैं। इस गंभीर अपराध में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। अदालत के बाहर समझौते पर रोक होगी और बिना वारंट गिरफ्तारी की अनुमति होगी। दोषी पाए जाने पर उम्रकैद और 25 लाख रुपये तक का जुर्माना होगा तथा जो लोग इसमें शामिल होंगे या इसे उकसाएंगे, उन्हें भी समान सजा दी जाएगी।
मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “यह कानून केवल सिख समुदाय तक सीमित नहीं है, क्योंकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हिंदुओं, मुसलमानों और उन सभी के लिए एक सम्मानित ग्रंथ है जो विश्व स्तर पर इसके संदेश को मानते हैं और यह सभी धर्मों के लोगों के मन में शांति प्रदान करता है।”
अपने क्षेत्र की महत्ता को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने चक्क -नानकी (अब श्री आनंदपुर साहिब) शहर की स्थापना की थी। उन्होंने आगे कहा, “मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इस पवित्र भूमि का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस की स्मृति में इस भूमि पर विशेष सत्र आयोजित किया था।”
उन्होंने गुरु साहिब के चरणों में प्रार्थना की कि वे हमेशा हमारे सिर पर अपना हाथ रखें और इस बिल को सर्वसम्मति से पारित करवाने के लिए मार्गदर्शन दें।






