
चब्बेवाल (होशियारपुर); 17 जून 2026:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये पार्टियाँ धर्म का दुरुपयोग कर रही हैं और उन्हें बदनाम करने के लिए लगातार झूठा प्रचार कर रही हैं, क्योंकि वे न तो ऐतिहासिक ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम-2026’ के पारित होने को हज़म कर पा रही हैं और न ही इस बात को कि एक सामान्य घर का बेटा पंजाब में सुचारू रूप से सरकार चला रहा है।
चब्बेवाल विधानसभा क्षेत्र के गाँव बिहाला में ‘लोक मिलनी’ के दौरान विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों द्वारा दिए गए अपार प्यार, सम्मान और आशीर्वाद के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि जनता का यह बड़ा समर्थन प्रदेश सरकार की नीतियों और नीयत में उनके अटूट विश्वास को दर्शाता है।
*बिहाला में लोक मिलनी को मिली लोगों की भरपूर प्रतिक्रिया*
इस लोक मिलनी को लोगों द्वारा भरपूर प्रतिक्रिया मिली, जहाँ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को सुनने के लिए न केवल पंडाल में बल्कि आस-पास के घरों की छतों, बालकनियों और बनेरों पर भी हजारों की संख्या में लोग एकत्रित हुए। क्षेत्र के लोगों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान तालियों और जयकारों के साथ मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा किए जा रहे जनहितकारी कार्यों के सम्मान में उन्हें सम्मानित करते हुए श्री साहिब (तलवार) भेंट की। लोगों के इस प्यार और सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों द्वारा मिला ऐसा अपार प्यार उन्हें पंजाब और इसके लोगों की भलाई, प्रगति और समृद्धि के लिए दिन-रात मेहनत करने के संकल्प को और मजबूत करता है।
लोक मिलनी के दौरान भरी सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं अकाल पुरख का आभारी हूँ जिन्होंने मुझे ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम-2026’ लाने का अवसर प्रदान किया। जब भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएँ हुईं तो करोड़ों लोगों के दिल व्यथित हुए। हमेशा यह उम्मीद होती थी कि दोषी पकड़े जाएँगे। कई बार वे गिरफ्तार भी हुए, परंतु कानून की कमियों का फायदा उठाकर उन्हें मानसिक रूप से बीमार बताकर सजा से बचा दिया जाता था। परमात्मा ने मुझे कानूनी विशेषज्ञों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श करके यह विधेयक लाने की बल-बुद्धि और ताकत प्रदान की है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार ने इस विधेयक को अत्यंत सावधानीपूर्वक तैयार किया है ताकि भविष्य में कोई संशोधन या कानूनी खामी इसे कमजोर न कर सके। यह समाज-विरोधी तत्वों के लिए एक सबक होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में सहायक सिद्ध होगा।”
अकाली दल पर तीखा प्रहार करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “जब वे सत्ता में थे तब उन्होंने ऐसा कानून बनाने के लिए कभी गंभीरता नहीं दिखाई। सच्चाई यह है कि उनकी नीयत में ही खोट थी। अकालियों ने अपने राजनीतिक हितों के लिए बेअदबी की घटनाओं को होने दिया। उन्होंने अकाल तख्त साहिब के समक्ष अपनी गलतियों को स्वीकार भी किया, लेकिन बाद में सार्वजनिक रूप से उससे मुकर गए। जो तख्त साहिब के सामने झूठ बोल सकते हैं, वे किसी के प्रति भी वफादार नहीं हो सकते। लोगों को ऐसे नेताओं से सावधान रहना चाहिए जो केवल सत्ता प्राप्त कर राज्य को लूटना चाहते हैं।”
मुख्यमंत्री ने दावा किया, “अकालियों ने अपने निजी हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया है। जत्थेदारों की नियुक्तियां उनकी जेब से होती हैं और इसी कारण वे धार्मिक संस्थाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करते हैं। एक जत्थेदार ने लोगों के विरोध के डर से तड़के ही पदभार ग्रहण किया था और अब धर्म की आड़ लेकर मेरे विरुद्ध षड्यंत्र रचे जा रहे हैं। इन लोगों के पास मुझे बदनाम करने के अलावा कोई एजेंडा नहीं है।”
कंडी क्षेत्र के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कृषि को बढ़ावा देने के लिए शीघ्र ही नहरों का पानी कंडी क्षेत्र के कोने-कोने तक पहुंचाया जाएगा। राज्य सरकार इस पवित्र क्षेत्र के कृषि विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। पिछली सरकारों की उपेक्षा के कारण यह क्षेत्र लंबे समय तक पिछड़ा रहा। एक ओर हम यहां पर्यटन की संभावनाओं को विकसित कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कृषि को भी सशक्त बना रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार विदेशों की ओर पलायन की प्रवृत्ति को रोककर आम लोगों का भविष्य बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। पंजाब के युवाओं को रोजगार की तलाश में विदेश नहीं जाना पड़ेगा, क्योंकि हम रोजगार के नए अवसर सृजित कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य युवाओं को राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास का सक्रिय भागीदार बनाना और शिक्षा क्षेत्र को सशक्त करना है।”






