
टांडा (होशियारपुर); 18 जून:
पंजाब के भविष्य को अब पिछली सरकारों की गलतियों और बुरे कार्यों का शिकार न बनने देने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि प्रांत ने पिछले दशकों के दौरान बहुत दुख झेला है, लेकिन अब यह विकास, अवसरों और समृद्धि के नए युग की ओर निरंतर बढ़ रहा है। टांडा हल्के के गांव भट्टलां में ‘लोक मिलनी’ के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उपजाऊ जमीन, प्रचुर जल संसाधनों, अनुकूल मौसम और मेहनती लोगों की बख्शीश होने के बावजूद पंजाब को उन पिछली सरकारों के कारण अपनी पूरी क्षमता के अनुसार बढ़ने-फलने का अवसर नहीं मिला, जो प्रांत के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने में विफल रहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार युवाओं के लिए अवसर पैदा करने, शिक्षा और स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने और एक ऐसा ‘रंगला पंजाब’ सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां किसी भी युवा को बेहतर भविष्य की तलाश में विदेशों की ओर जाने के लिए मजबूर न होना पड़े।
न्याय के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों को विश्वास दिलाया कि अतीत की बेअदबी की घटनाओं की गहन जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों को जेल भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रांत सरकार द्वारा बनाया गया सख्त कानून भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक मजबूत ढाल के रूप में काम करेगा।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बरगाड़ी में हुई बेअदबी की घटनाओं और बहिबल कलां तथा कोटकपूरा में हुई गोली कांड ने हर पंजाबी, विशेषकर सिख संगत की आत्मा को झकझोर कर रख दिया था। ये घाव आज भी लोगों के मन में ताजा हैं। मैं हर पंजाबी को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि न्याय जरूर होगा और इन घिनौने अपराधों के जिम्मेदार लोगों को क्षमा नहीं किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार न्याय सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। इन अपराधों के दोषियों को कानून की कटघरे में खड़ा किया जाएगा और सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। हमने ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ लागू किया है, जो बेअदबी के लिए सख्त सजा का प्रावधान करता है। यह कानून यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में कोई भी इस अक्षम्य अपराध को करने की हिम्मत न करे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता तुल्य हैं। इसकी पवित्रता और सम्मान बनाए रखना हम सबका साझा कर्तव्य है। यदि कोई सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की शान की रक्षा नहीं कर सकती तो वह समाज के प्रति अपनी सबसे बुनियादी जिम्मेदारी में विफल साबित होती है।”
अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जिन्होंने गुरबानी के नाम पर वोट मांगे, वे श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा करने में विफल रहे। उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का उपयोग किया और पंजाब के लोग उनके शासन के दौरान घटित घटनाओं का दर्द नहीं भूले हैं।”
उन्होंने इशारा करते हुए कहा, “कुछ नेता अपने कार्यकाल के दौरान हुए विकास की बातें करते हैं, लेकिन वे बरगाड़ी, बहिबल कलां और कोटकपूरा को आसानी से भूल जाते हैं। पंजाब उन दर्दनाक पलों को कभी नहीं भूल सकता। लोगों और पंजाब के सामाजिक ताने-बाने के खिलाफ किए गए पापों को कभी नहीं मिटाया जा सकता।”
पंजाब के सफर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब ने बहुत दुख झेला है। यह 1947 में विभाजन के दौरान उजड़ा, 1984 में फिर से दुख झेले और फिर पिछली सरकारों के शासन में वर्षों की लूट-खसूट और शोषण का शिकार हुआ। अब हम पंजाब की प्रगति को और रुकने नहीं दे सकते।”






