चंडीगढ़, 17 दिसंबर: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण व संवर्धन हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि जंगलों की कटाई के कारण पशु-पक्षियों के आश्रय खत्म हो रहे हैं और ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने का संकल्प लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री सोमवार को पंचकूला के पिंजौर स्थित बीड शिकारगाह वन्य जीव अभ्यारण्य के पास स्थित जटायु संरक्षण प्रजनन केंद्र में 25 गिद्धों को खुले आकाश में छोड़ने के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह और कालका की विधायिका शक्ति रानी शर्मा भी मौजूद थीं।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि 1990 के दशक में गिद्धों की संख्या करोड़ों में थी, लेकिन यह धीरे-धीरे घटकर लाखों में आ गई। इसके पीछे मुख्य कारण डाइक्लोफनाक इंजेक्शन रहा, जिसका उपयोग दुधारू पशुओं में किया जाता था। मृत पशुओं को खाने के बाद यह दवाई गिद्धों पर घातक प्रभाव डालती थी, जिससे गिद्धों की संख्या तेजी से घटने लगी और यह प्रजाति विलुप्ति के कगार पर पहुंच गई।
उन्होंने बताया कि गिद्धों के संरक्षण के लिए बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) ने हरियाणा सरकार के साथ समझौता किया। इस मिशन के तहत पिंजौर के जटायु संरक्षण प्रजनन केंद्र में प्राकृतिक और कृत्रिम प्रजनन विधियों के माध्यम से गिद्धों की संख्या बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र न केवल देश का, बल्कि एशिया का सबसे बड़ा गिद्ध संरक्षण केंद्र बन चुका है।
गिद्ध संरक्षण केंद्र की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र में गिद्धों की तीन मुख्य प्रजातियां संरक्षित की जा रही हैं:
1. सफेद पीठ वाले गिद्ध – 97
2. लंबी चोंच वाले गिद्ध – 219
3. पतली चोंच वाले गिद्ध – 62
नवंबर 2024 तक इन प्रजातियों के कुल 404 चूजे इस केंद्र में पैदा हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने खुशी जताई कि सोमवार को सफेद पीठ वाले 25 गिद्धों को सफलतापूर्वक खुले आकाश में छोड़ा गया।
विशेष सुविधाएं
केंद्र में गिद्धों के संरक्षण के लिए निम्नलिखित सुविधाएं मौजूद हैं:
8 नर्सरी एवियरी
6 कॉलोनी एवियरी
8 होल्डिंग एवियरी
2 डिस्पले एवियरी
4 अस्पताल एवियरी
8 प्रजनन एवियरी
1 ग्रीन एवियरी
1 रिलीज एवियरी
सरकार का सहयोग
मुख्यमंत्री ने जटायु संरक्षण प्रजनन केंद्र के प्रभारी किशोर रीठे और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने टीम को गौरैया चिड़िया के संरक्षण पर भी काम करने का सुझाव दिया और सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
सैनी ने कहा कि राज्य सरकार प्रकृति और वन्य जीवों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में सोमवार को माता मनसा देवी कॉम्प्लेक्स में पक्षी निवास का भी उद्घाटन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण ने मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर विभाग की विभिन्न गतिविधियों और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।






