अनिरुद्धाचार्य विवाद में मंत्री अनिल विज की तीखी प्रतिक्रिया: “चार किताबें पढ़कर कोई कथावाचक नहीं बन जाता”

चंडीगढ़, 4 अगस्त 2025 : महिलाओं पर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब हरियाणा के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और कथावाचकों की भूमिका पर बड़ा सवाल खड़ा किया है।
अनिल विज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,
“चार किताबें पढ़कर कोई भी कथावाचक बन जाता है, लेकिन कथावाचक और संत में बहुत अंतर होता है।”
मंत्री विज ने कहा कि संत ही सनातन संस्कृति के असली संरक्षक होते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि धर्म केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि इंसान की मूलभूत आवश्यकता है, जिसे सही मार्गदर्शन केवल एक संत ही दे सकता है।
“अनिरुद्धाचार्य का बयान न संस्कृति स्वीकार करेगी, न देश”
मीडिया से बातचीत में विज ने अनिरुद्धाचार्य के महिला-विरोधी बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा,
“हमारा धर्म, संस्कृति और समाज किसी भी हालत में इस तरह के विचारों को स्वीकार नहीं कर सकते। इस तरह के बयान सनातन परंपरा को बदनाम करने का काम करते हैं।”






