BJP को सत्ता से हटाकर ही मरूंगी, ममता की हुंकार, पुलिस पर TMC वर्कर्ज को धमकाने का आरोप

कोलकाता तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी मंगलवार को सेंट्रल कोलकाता में अपना दिन भर का धरना दिया। यह धरना उनके भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले, चुनाव के बाद हिंसा और फेरीवालों को हटाने के विरोध में हो रहा है। धरना स्थल पर बनर्जी ने कहा कि हमें मंच बनाने और माइक्रोफोन इस्तेमाल करने की परमिशन नहीं दी गई। पुलिस टीएमसी वर्कर्स को प्रदर्शनों में हिस्सा न लेने की धमकी दे रही है, लेकिन मैं विरोध करती रहूंगी। मैं इस मुश्किल समय में टीएमसी वर्कर्स को नहीं छोड़ूंगी। मैं लड़ूंगी या मर जाऊंगी।
मैं तब तक नहीं मरूंगी, जब तक आपको सत्ता से हटा नहीं देती। विपक्ष का नेता चुनने के लिए टीएमसी विधायकों के साइन पर हुए विवाद में ममता ने कहा कि बीजेपी गंदा खेल खेल रही है। अगर विधानसभा अध्यक्ष को साइन के असली होने पर यकीन नहीं है, तो टीएमसी विधायकों के साइन का फोरेंसिक टेस्ट कराना चाहिए।
धरने में पहुंचे सिर्फ सात विधायक
जिस पार्टी के पास विधानसभा में 80 विधायक और संसद में 29 सांसद हैं, उसके महाधरने में ममता बनर्जी के साथ मंच साझा करने के लिए मात्र सात विधायक और मु_ी भर सांसद पहुंचे। यह राजनीतिक संकट तब और गहरा गया जब पार्टी से हाल ही में निकाले गए मुखर नेता रिजू दत्ता ने एक सनसनीखेज दावा कर दिया। रिजू दत्ता के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस अब औपचारिक रूप से दो धड़ों में बंटने की कगार पर खड़ी है। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी के 80 में से 50 से अधिक विधायक एक साथ आकर खुद को ‘असली तृणमूल कांग्रेस’ घोषित करने की अंतिम तैयारी कर रहे हैं।






