संचार साथी ऐप असल में पैगासस 2.0? सिसोदिया ने मोदी सरकार पर लगाए बड़े आरोप!

चंडीगढ़, 2 दिसंबर: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए “संचार साथी ऐप” को भारत की निजता और लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। सिसोदिया ने इसे ‘पैगासस का नया अवतार’ बताते हुए दावा किया कि केंद्र सरकार अब हर भारतीय नागरिक के मोबाइल फोन में प्रवेश करना चाहती है।
सिसोदिया ने कहा कि सरकार का यह फैसला चौंकाने वाला और डर पैदा करने वाला है, क्योंकि इस नए आदेश के अनुसार संचार साथी ऐप को हर नए और पुराने मोबाइल में जबरन इंस्टॉल किया जाएगा, और नागरिक इसे हटाने में सक्षम नहीं होंगे।
“यह ऐप नहीं, जासूसी का हथियार है—लोगों की कॉल, चैट, कॉन्टैक्ट्स, लोकेशन और डिजिटल व्यवहार तक सरकार पहुंच जाएगी”
AAP नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस ऐप के जरिए सरकार को किसी भी भारतीय के निजी कॉल रिकॉर्ड,संपर्क सूची,व्हाट्सएप उपयोग,लोकेशन, ऑनलाइन सर्च,डिजिटल पैटर्न तक सीधी पहुंच मिल जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन डेटा को कॉर्पोरेट्स को बेचने की तैयारी कर रही है। सिसोदिया ने कहा— “आप किससे बात करते हैं, क्या खरीदते हैं, क्या खाते हैं, क्या देखते हैं—सब ट्रैक होगा। यह सुविधा नहीं, जासूसी है।”
“भारत को Surveillance State बनाया जा रहा है” – सिसोदिया
उन्होंने कहा कि यह कदम लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है और देश को एक सर्विलांस स्टेट में बदलने का प्रयास है। AAP नेता ने “संचार साथी” नाम को भ्रम फैलाने वाला बताया और कहा कि यह कोई साथी नहीं—एक “SS: Surveillance System” है।
“जनता को बताना होगा कि यह ऐप क्यों खतरनाक है”
सिसोदिया ने आप कार्यकर्ताओं से कहा कि लोगों को इस कदम की असलियत बताई जाए। उन्होंने कहा— “चुनाव सिर्फ जीत-हार नहीं, यह आजादी और निजता बचाने का संघर्ष है। जो सरकार अपने ही नागरिकों की जासूसी करे, उसे जनता को कड़ा जवाब देना चाहिए।”






