मिडिल क्लास एप्पल का नया टारगेट, iPhone और PC पर फोकस

नई दिल्ली। अमरीकी टेक कंपनी एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) टिम कुक भारत को लेकर काफी उत्साहित हैं और यहां बढ़ते मध्यम वर्ग में कंपनी के लिए बड़ी संभावनाएं देख रहे हैं। श्री कुक ने अमेरिकी प्रांत कैलिफोर्निया के क्यूपर्टिनो में 28 मार्च को समाप्त दूसरी तिमाही के परिणामों की घोषणा के बाद कहा कि भारत हमारे लिए एक बहुत बड़ा अवसर है। कंपनी वहां अच्छा प्रदर्शन कर रही है, लेकिन दुनिया के दूसरे सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजार और तीसरे सबसे बड़े पीसी (पर्सनल कम्प्यूटर) बाजार में उसकी हिस्सेदारी अभी भी अपेक्षाकृत कम है।
उन्होंने कहा कि भारत में बड़ी संख्या में लोग मध्यम वर्ग में प्रवेश कर रहे हैं और आईफोन, मैक, आईपैड तथा वॉच जैसी सभी श्रेणियों में अधिकांश ग्राहक नए हैं। इससे देश में इंस्टॉल्ड बेस बढ़ाने की बहुत संभावना है। उन्होंने कहा कि मैं भारत को लेकर बेहद उत्साहित हूं। कंपनी ने मार्च में राजस्व के नए रिकॉर्ड बनाए हैं, जिसमें भारत समेत कई बड़े बाजारों में दहाई अंक की वृद्धि दर दर्ज की गई है। श्री कुक ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में हमारी लगातार बढ़त देखना शानदार रहा है। यह दुनिया भर में अधिक ग्राहकों और उभरते बाजारों से जुडऩे के हमारे बड़े प्रयासों का हिस्सा है। दूसरी तिमाही में एप्पल का कुल राजस्व 111.2 अरब डॉलर रहा जो सालाना आधार पर 17 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है।
यह किसी भी साल दूसरी तिमाही का कंपनी का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। आईफोन की बिक्री से प्राप्त राजस्व ने भी इस तिमाही का नया रिकॉर्ड बनाया है जिसमें आईफोन 17 लाइनअप का बड़ा योगदान रहा। बिक्री बाद सेवाओं का राजस्व सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। एप्पल के निदेशक मंडल ने प्रति शेयर 0.27 डॉलर का नकद लाभांश घोषित किया है, जो 14 मई को दिया जायेगा और इसके लिए 11 मई की शेयरधारिता को आधार बनाया जाएगा। निदेशक मंडल ने कंपनी के 100 अरब डॉलर तक के शेयर वापस खरीदने के नए कार्यक्रम को भी मंजूरी दी है। एप्पल के मुख्य वित्तीय अधिकारी केवन पारेख ने मीडिया को बताया कि आईफोन का तिमाही राजस्व 57 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले 22 प्रतिशत अधिक है। आईफोन ने अमरीका, लैटिन अमरीका, चीन, पश्चिमी यूरोप, भारत, जापान और दक्षिण-पूर्व एशिया सहित अधिकांश बाजारों में दहाई अंकों की वृद्धि दर्ज की। उन्होंने बताया कि मैक की बिक्री से प्राप्त राजस्व भी छह प्रतिशत बढक़र 8.4 अरब डॉलर पर पहुंच गया।






