Punjab : 10 लाख मनरेगा परिवारों की चिट्ठियां PM मोदी तक पहुंचेंगी, विधानसभा में गूंजी मजदूरों की आवाज

Punjab : पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक बार फिर गरीबों और मजदूरों के हक में बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में AAP विधायकों ने राज्य के 10 लाख से ज्यादा मनरेगा मजदूर परिवारों की आवाज को सीधे संसद और प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाने का फैसला किया है।
पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान AAP के विधायक मनरेगा मजदूरों द्वारा लिखे गए लाखों पत्रों के साथ सदन में पहुंचे। इन पत्रों में मजदूरों ने अपनी पीड़ा, मजदूरी भुगतान में देरी, काम की कमी और केंद्र सरकार से फंड न मिलने जैसी गंभीर समस्याओं को उजागर किया है। खास बात यह रही कि मनरेगा मजदूर स्वयं भी विधानसभा में मौजूद रहे, जिससे सदन में गरीबों की आवाज गूंज उठी।
PM तक पहुंचेगी मजदूरों की पुकार
AAP सरकार ने साफ किया है कि ये पत्र केवल विधानसभा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इन्हें सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक भेजा जाएगा। सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार को जमीनी हकीकत से अवगत कराना जरूरी है, ताकि मनरेगा मजदूरों को उनका हक समय पर मिल सके।
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मजदूरों की सबसे बड़ी समस्याएं
पंजाब के मनरेगा मजदूर लंबे समय से कई परेशानियों से जूझ रहे हैं:
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मजदूरी का भुगतान महीनों तक लटका रहता है
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समय पर काम नहीं मिल पाता
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केंद्र सरकार से मनरेगा फंड जारी न होने से योजनाएं प्रभावित
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गरीब परिवारों की आजीविका संकट में
पंजाब सरकार का आरोप है कि केंद्र द्वारा फंड रोके जाने से मजदूरों की हालत और खराब हो रही है।
केंद्र पर दबाव बनाने की रणनीति
AAP पार्टी ने इसे केवल एक पत्र अभियान नहीं, बल्कि केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की रणनीतिक पहल बताया है। AAP पार्टी का कहना है कि जब तक मनरेगा मजदूरों को समय पर काम और पूरी मजदूरी नहीं मिलेगी, तब तक AAP उनकी लड़ाई लड़ती रहेगी।






