खामेनेई के साथ 14 महीने की पोती का ताबूत, भारत के धर्मगुरुओं ने पढ़ीं प्रार्थनाएं, महबूबा-खुर्शीद भी पहुंचे

ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामनेई के राजकीय अंतिम संस्कार की प्रक्रिया राजधानी तेहरान में शुरू हो गई। इस मौके पर दुनिया भर के कई देशों के साथ-साथ भारत के प्रमुख नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी है। अंतिम संस्कार की रस्में शुरू होने से पहले विदेशी मेहमानों ने पहले ही पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि देना शुरू कर दिया। ईरान में अली खामेनेई के साथ जिन लोगों को श्रद्धांजलि दी जा रही है, उनमें उनके एक दामाद, उनकी सबसे बड़ी बेटी, 14 महीने की पोती और ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई की पत्नी शामिल थीं। 14 महीने की बच्ची का छोटा सा ताबूत अली खामेनेई के ताबूत के बगल में रखा हुआ है। ताबूत के बगल में ही बच्ची की प्यारी सी तस्वीर रखी हुई है।
इस भावुक तस्वीर को देख दुनिया के शिया मुस्लिम आंखों में आंसू रोक नहीं पा रहे हैं। खामेनेई को श्रद्धांजलि देने पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद भी पहुंचे। इनके अलावा, भारत के विभिन्न धर्मों के धार्मिक नेता भी ईरान पहुंचे। ईरानी मीडिया द्वारा शेयर किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि जहां अली खामनेई का जनाजा रखा है, वहीं भारत के हिंदू, मुस्लिम और सिख धर्मगुरू प्रार्थनाएं कर रहे हैं।
सफेद अक्षरों में लिखा ‘या हुसैन’
सरकारी मीडिया ने खामेनेई के ताबूत की तस्वीरें दिखाईं, जिस पर लाल रंग का झंडा लिपटा हुआ था। इस पर सफेद अक्षरों में ‘या हुसैन’ लिखा था। यह शिया समुदाय का एक आदर्श वाक्यांश है जो पैगंबर मोहम्मद के पोते की 7वीं सदी में हुई शहादत की याद दिलाता है। ताबूत पर उनकी पगड़ी रखी हुई थी।
रो पड़े राष्ट्रपति पेजेश्कियान
तेहरान की ग्रैंड मोसाल्ला में तब एक बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला, जब ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ देश के टॉप लीडरशिप उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचा। इस दौरान पेजेश्कियान फफककर रो पड़े। उनके साथ कई ईरानी जनरल भी अपने आंसू नहीं रोक पाए।






