सरकार के घेराव की तैयारी में कांग्रेस, सचिवों और राज्य अध्यक्षों की आपात बैठक में राजनीतिक रणनीति पर हुई चर्चा

नई दिल्ली
कांग्रेस ने गुरुवार को इंदिरा भवन में पार्टी के सभी प्रदेश अध्यक्षों, प्रभारियों और वरिष्ठ नेताओं की आपात बैठक आयोजित की। लगभग तीन घंटे तक चली इस बैठक में संगठनात्मक और राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ देश की वर्तमान आर्थिक और लोकतांत्रिक स्थिति पर चर्चा की गई। कांग्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाने की घोषणा की है। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने की। बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल शामिल हुए। बैठक के बाद श्री वेणुगोपाल ने कहा कि देश में एक तरफ लोकतंत्र खतरे में है तो दूसरी तरफ जनता आर्थिक संकट और परेशानियों से जूझ रही है।
उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस आने वाले दिनों में राष्ट्रीय, राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी। अगले दो से तीन महीनों के आंदोलन कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा अगले तीन से चार दिनों में जारी की जाएगी। मध्य प्रदेश और झारखंड में राज्यसभा चुनाव से जुड़े घटनाक्रम को लोकतंत्र पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा चुनाव नॉमिनेशन के रिजेक्शन के मामले पर विस्तार से चर्चा हुई। हम इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी तौर पर लड़ेंगे।
महंगाई-बेरोजगारी के खिलाफ लडऩे की जरूरत
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा है कि देश के सामने महंगाई, बेरोजगारी, परीक्षा घोटाले, सामाजिक असमानता जैसी गंभीर चुनौतियों के साथ ही संवैधानिक संस्थाओं और व्यवस्थाओं को भी कमजोर किया जा रहा है, जिनके खिलाफ सख्ती से लडऩे की जरूरत है। श्री खडग़े ने कहा कि जिन संस्थाओं और व्यवस्थओं को बनाने में दशकों लगे, उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा करना कांग्रेस की जिम्मेदारी है।






