चंडीगढ़ में इंटरनेशनल ड्रग रैकेट का भंडाफोड़: 3 विदेशी, 2 लोकल सप्लायर गिरफ्तार
चंडीगढ़: क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट का पर्दाफाश करते हुए चौंकाने वाली जानकारी उजागर की है। पुलिस ने 3 विदेशी नागरिकों और 2 लोकल ड्रग सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान 3 तरह की खतरनाक ड्रग्स – कोकीन, एम्फेटामीन और हेरोइन जब्त की गई हैं। इसके साथ ही लग्जरी गाड़ियां BMW और होंडा अकॉर्ड भी पुलिस ने कब्जे में ली हैं।
70 ग्राम कोकीन, 67 ग्राम एम्फेटामीन और 50.88 ग्राम हेरोइन बरामद
एसपी क्राइम जसबीर सिंह के मुताबिक, यह गैंग विदेश में बैठे हैंडलर के निर्देशों पर काम करता था और ट्राईसिटी के युवाओं को नशे के जाल में फंसा रहा था। डीएसपी धीरज की निगरानी में क्राइम ब्रांच की टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया।

पहला मामला: नाइजीरियन तस्करों का हाई-टेक नेटवर्क
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इमोरू डेमियन (खरड़ से गिरफ्तार) – 62.60 ग्राम एम्फेटामीन बरामद
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ओकोये नामडी (दिल्ली से गिरफ्तार) – 35.80 ग्राम कोकीन, 5.73 ग्राम एम्फेटामीन, होंडा अकॉर्ड कार जब्त
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टोउफे यूसुफ (खरड़ से गिरफ्तार) – 34.85 ग्राम कोकीन बरामद
इनका नेटवर्क बेहद हाईटेक था। ड्रग्स की सप्लाई वॉट्सऐप के जरिए विदेश से संचालित होती थी। तस्कर आपस में सीधे संपर्क नहीं रखते थे, जिससे पकड़ में आना मुश्किल हो जाए।
दिल्ली से ड्रग्स मंगवाकर ट्राईसिटी के युवाओं को सप्लाई की जाती थी। कई नाइजीरियन स्टूडेंट्स अब पुलिस के रडार पर हैं।
दूसरा मामला: BMW कार में घूमते लोकल ड्रग सप्लायर
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शिवा ठाकुर (चंडीगढ़ निवासी) – 50.88 ग्राम हेरोइन बरामद। पहले भी नशा तस्करी में जेल जा चुका है।
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जैसल बैंस (पंजाब निवासी) – इंग्लिश ऑनर्स की छात्रा। ड्रग्स की पेमेंट ऑनलाइन स्कैनर के जरिए लेती थी।
दोनों आरोपी 11वीं कक्षा से दोस्त हैं और BMW में घूमकर ड्रग्स डिलीवर करते थे। यह गैंग खासकर कॉलेज स्टूडेंट्स को निशाना बना रहा था।
पुलिस की अपील: युवाओं को बचाने के लिए समाज करें सहयोग
क्राइम ब्रांच ने इस कार्रवाई को बड़ी कामयाबी करार देते हुए कहा है कि अब और भी संदिग्धों पर निगरानी तेज कर दी गई है। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।






