हिमाचल में फिर फटा बादल: मंडी में आधी रात को फ्लैश फ्लड, 2 की मौत, 50 से ज्यादा गाड़ियां मलबे में दबीं

मंडी, 29 जुलाई 2025 — हिमाचल प्रदेश एक बार फिर भीषण प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। बीती रात मंडी जिले में बादल फटने से तबाही मच गई। जेल रोड, सैन मोहल्ला और तुंगल मोहल्ला समेत कई रिहायशी इलाकों में अचानक आई बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। अब तक 2 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 50 से अधिक गाड़ियां मलबे में दब गईं या बह गईं।
भारी बारिश का कहर: आधी रात को मंडी शहर बना मलबे का ढेर
लगातार 12 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने मंडी शहर में कहर बरपा दिया। जेल रोड और विक्टोरिया पुल के पास भीषण लैंडस्लाइड हुआ, जिससे पास के क्षेत्रों में खतरा और बढ़ गया। जोनल हॉस्पिटल के पास के नाले में भारी चट्टानें आ गईं, जिससे शहर की निचली बस्तियां जलभराव और मलबे से बुरी तरह प्रभावित हुईं।
दोनों राष्ट्रीय राजमार्ग बंद: हाईवे पर पहाड़ दरकने लगे
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चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-3): 4 मील, 9 मील, दवाड़ा, झलोगी जैसे कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण बंद हो गया है।
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पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-154): पधर से मंडी तक कई जगहों पर भारी भूस्खलन के चलते यह मार्ग भी पूरी तरह बाधित है।
प्रशासन को मलबा हटाने और राहत कार्यों में लगातार हो रही बारिश के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
धर्मपुर में भी तबाही: PWD कार्यालय पर लैंडस्लाइड, कर्मचारी फंसे
मंडी जिले के धर्मपुर उपमंडल में भी फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से हालात गंभीर हैं। पीडब्ल्यूडी कार्यालय में रात को नाले में बाढ़ आने से ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ फंस गया, जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला गया। पहाड़ी से गिरे मलबे ने दफ्तर की इमारत को भी नुकसान पहुंचाया।
पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा:
“धर्मपुर में लोक निर्माण विभाग के पास हुए भूस्खलन की खबर दुखद है। मंडी में जो नुकसान हुआ है, वह भी अत्यंत पीड़ादायक है। ईश्वर सभी की रक्षा करें।”







