कुरुक्षेत्र, 20 दिसंबर – भारतीय किसान यूनियन (BKU) चढूनी के नेतृत्व में किसानों ने शंभु और खनोरी बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में आज भूख हड़ताल शुरू कर दी है। BKU के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी, कार्यकारी अध्यक्ष कर्म सिंह मथाना और अन्य 11 किसान इस अनशन में शामिल हैं। उनका यह कदम सरकार के खिलाफ न सिर्फ वादाखिलाफी के विरोध में है, बल्कि नए मंडी एक्ट के खिलाफ भी है, जिसे सरकार लागू करने की योजना बना रही है।
आज शाम चार बजे, BKU के सदस्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन जिला उपायुक्त (डीसी) को सौंपेंगे, जिसमें आंदोलन की प्रमुख मांगों और नए मंडी एक्ट का विरोध किया जाएगा। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया जाएगा कि सरकार ने एमएसपी पर फसल खरीदने का वादा किया था, जिसके बाद किसानों ने अपना आंदोलन वापस लिया था, लेकिन सरकार ने इस वादे को पूरा नहीं किया। इससे पहले, किसानों ने लघु सचिवालय के बाहर सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि किसानों ने आंदोलन तब वापस लिया था, जब सरकार ने एमएसपी पर फसल खरीदने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब जब सरकार ने इस वादे को पूरा नहीं किया तो पंजाब बॉर्डर पर फरवरी से आंदोलन जारी है, लेकिन सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया है। Also Read : जयपुर में CNG टैंकर में आग से भीषण हादसा: 50 लोग झुलसे, 35 गाड़ियां राख, 4 की मौत
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार नया मंडी एक्ट लागू करने जा रही है, जो तीन कृषि कानूनों का ही एक हिस्सा है। इस एक्ट के तहत सरकार खाली जगहों और मिलों को भी मंडी के रूप में मानने की योजना बना रही है। चढूनी ने दावा किया कि इससे न सिर्फ किसानों, बल्कि आढ़तियों और मजदूरों को भी नुकसान होगा। इस एक्ट का विरोध करते हुए BKU प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देने जा रही है।
BKU ने प्रदेश भर में जिला स्तर पर प्रदर्शन और भूख हड़ताल करने का ऐलान किया है, जिससे आंदोलन को और भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। किसानों का यह संघर्ष प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है, क्योंकि BKU ने व्यापक स्तर पर जन जागरूकता और सरकार के खिलाफ संघर्ष करने का संकल्प लिया है।






