Cabinet: ऋण गारंटी योजना (CGSE) को मिली मंजूरी, MSME और गैर-MSME निर्यातकों को मिलेगा बड़ा लाभ

नई दिल्ली, 12 नवंबर 2025 | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना (Credit Guarantee Scheme for Exporters – CGSE) को मंजूरी दे दी गई। इस योजना से देश के एमएसएमई (MSME) और गैर-एमएसएमई निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी।
इस योजना के तहत राष्ट्रीय ऋण गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) द्वारा सदस्य ऋण संस्थानों (MLI) को 100 प्रतिशत ऋण गारंटी कवरेज प्रदान किया जाएगा ताकि पात्र निर्यातकों को 20,000 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त ऋण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
कैसे काम करेगी नई ऋण गारंटी योजना (CGSE)?
इस योजना को वित्तीय सेवा विभाग (DFS) द्वारा एनसीजीटीसी (NCGTC) के माध्यम से लागू किया जाएगा।
डीएफएस सचिव की अध्यक्षता में गठित एक प्रबंधन समिति इसकी प्रगति और कार्यान्वयन की निगरानी करेगी।
इस योजना से सदस्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों को जोखिम-मुक्त ऋण देने की सुविधा मिलेगी, जिससे छोटे और मध्यम स्तर के निर्यातक आसानी से अतिरिक्त पूंजी प्राप्त कर सकेंगे।
योजना से देश को क्या लाभ होगा
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निर्यातकों को संपार्श्विक-मुक्त (Collateral-free) ऋण मिलेगा।
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भारतीय निर्यातकों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होगी।
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नए और उभरते बाजारों में विस्तार के अवसर बढ़ेंगे।
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भारत के 1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य को पूरा करने में तेजी आएगी।
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आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिलेगी।
भारत की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
निर्यात भारतीय अर्थव्यवस्था का एक अहम स्तंभ है, जो वित्त वर्ष 2024-25 में GDP का लगभग 21% रहा।
निर्यातोन्मुखी उद्योगों ने 45 मिलियन से अधिक लोगों को रोजगार दिया है, जबकि एमएसएमई सेक्टर कुल निर्यात में 45% योगदान देता है।
सरकार को उम्मीद है कि CGSE योजना से तरलता (Liquidity) बढ़ेगी, जिससे भारतीय उद्योगों को अपने कारोबार को विस्तार देने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने में मदद मिलेगी।






