हरियाणा में EV क्रांति की तैयारी: अनिल विज बोले – “अब गाड़ियाँ नहीं, अनुभव बेचिए”
अंबाला , 22 जुलाई 2025 : हरियाणा में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को लेकर नई नीति की दिशा में बड़ा संकेत देते हुए राज्य के परिवहन मंत्री अनिल विज ने सोमवार को चंडीगढ़ में देश की प्रमुख ईवी निर्माता कंपनियों के साथ अहम बैठक की। विज ने स्पष्ट किया कि अब वक्त आ गया है जब ईवी कंपनियों को केवल वाहन नहीं, बल्कि पूरा अनुभव बेचने पर ध्यान देना होगा — जिसमें चार्जिंग सुविधा से लेकर यात्रियों के लिए रेस्ट जोन तक की संपूर्ण व्यवस्था शामिल हो।
EV के लिए ‘फुल पैकेज स्कीम’ का प्रस्ताव
बैठक में महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हुंडई, एमजी मोटर्स और किया मोटर्स जैसे दिग्गज निर्माता मौजूद थे। विज ने इन कंपनियों से कहा कि सिर्फ EV की बिक्री पर्याप्त नहीं, बल्कि उसके संचालन में जरूरी सुविधाएं और अवसंरचना भी ‘फुल पैकेज स्कीम’ के तहत विकसित की जानी चाहिए।
“हम चाहते हैं कि हाईवे, राज्य मार्ग और शहरों में EV चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क बने। साथ ही यात्रा के दौरान रुकने के लिए रेस्ट हाउस हों, जहां शौचालय, रिफ्रेशमेंट और आराम की सुविधा मिले,” – अनिल विज, परिवहन मंत्री, हरियाणा
अनुभव आधारित EV इकोसिस्टम की मांग
विज ने दो टूक कहा कि कंपनियों को अब सिर्फ गाड़ियां नहीं बेचनी चाहिए, बल्कि एक ऐसा अनुभव देना चाहिए जिससे उपभोक्ता EV को जीवनशैली का हिस्सा मानें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में पूरा सहयोग देने को तैयार है, बशर्ते कंपनियां गंभीरता से योजना बनाकर सामने आएं।
EV बनाम पेट्रोल-डीजल: खर्च का फर्क बताएं कंपनियां
विज ने सुझाव दिया कि EV और पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों के लंबी अवधि में खर्च की तुलना करके लोगों को EV अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ उपभोक्ता भी आर्थिक रूप से लाभान्वित होंगे।
हरियाणा को बनाएं EV मॉडल स्टेट
मंत्री विज ने EV कंपनियों को हरियाणा को एक पायलट राज्य के तौर पर चुनने का न्योता दिया, जहां वे तकनीकी अध्ययन, पायलट प्रोजेक्ट्स और नवाचार को लागू कर सकते हैं। सरकार इस दिशा में हर संभव नीतिगत, तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग प्रदान करेगी।
विज ने की टेस्ट ड्राइव, फीचर्स की ली जानकारी
बैठक के बाद विज ने महिंद्रा BE-6, टाटा Harrier EV, एमजी M-9, हुंडई Creta EV और किया EV-6 जैसी इलेक्ट्रिक कारों की टेस्ट ड्राइव की और उनकी तकनीक व सुविधाओं का परीक्षण भी किया। उन्होंने कंपनियों के प्रतिनिधियों को सुझाव भी दिए कि ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में क्या-क्या किया जा सकता है।






