दो बास्केटबॉल खिलाड़ियों की मौत से हरियाणा में हड़कंप, सियासत गरमाई; CM भगवंत मान ने परिवार से की मुलाकात, सरकारी नौकरी की उठाई मांग

हरियाणा के रोहतक और बहादुरगढ़ में दो दिनों के अंदर दो किशोर बास्केटबॉल खिलाड़ियों की दर्दनाक मौत ने पूरे राज्य में खेल सुरक्षा व्यवस्थाओं और सरकारी लापरवाही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
दोनों हादसों का कारण—खस्ताहाल बास्केटबॉल पोल का गिरना—ने खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर की असलियत सामने रख दी है।
सबसे बड़ा मामला 25 नवंबर को रोहतक के लखनमाजरा गांव में सामने आया, जहां 16 वर्षीय नेशनल लेवल खिलाड़ी हार्दिक राठी की प्रैक्टिस के दौरान 750 किलो वजनी जंग लगा पोल उसके ऊपर गिर पड़ा। CCTV फुटेज में दिखाई दिया कि पोल सीधे उसकी छाती पर आ गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। PGIMS पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
“मैं राजनीति करने नहीं, एक स्पोर्ट्स लवर के तौर पर आया हूं”-CM भगवंत मान
हार्दिक राठी की मौत पर पंजाब CM भगवंत मान परिवार से मिलने पहुंचे। मुलाकात के बाद उन्होंने हरियाणा सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा-खराब क्वालिटी के कंस्ट्रक्शन मटेरियल का इस्तेमाल हुआ। 16-17 साल का बच्चा मैदान में अभ्यास कर रहा था और उस पर पोल गिर गया। सवाल ये है कि अब माता-पिता अपने बच्चों को ग्राउंड में भेजेंगे भी या नहीं?
उन्होंने आगे कहा कि-स्टूडेंट्स ने लखनमाजरा बास्केटबॉल ग्राउंड की स्थिति पर शिकायत की थी। सांसद दीपेंद्र हुड्डा की ओर से MPLAD फंड से जारी 18 लाख रुपये कहां गए? इसकी जांच होनी चाहिए।
CM मान ने परिवार के लिए सरकारी नौकरी और मुआवजे की मांग की और कहा कि वह इस मुद्दे पर राजनीति नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के हितों की आवाज उठाने आए हैं।
हरियाणा CM नायब सैनी का बयान—5-5 लाख मुआवजा, सभी खेल परिसरों की जांच के आदेश
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने दोनों खिलाड़ियों की मौत पर दुख जताते हुए परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया। उन्होंने खेल विभाग को सभी स्टेडियमों और नर्सरियों का स्पेशल सेफ्टी ऑडिट करने के निर्देश दिए।
वहीं, विपक्ष ने इन मौतों को सरकारी लापरवाही से हुई ‘हत्या’ बताया है। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने पूछा-MPLAD फंड के 18 लाख रुपये खर्च कहां हुए? ग्राउंड सुधरा क्यों नहीं?






