भाजपा की ‘चंडीगढ़ साजिश’ के खिलाफ पंजाब लड़ेगा कानूनी और जन संघर्ष: हरपाल सिंह चीमा

आनंदपुर साहिब | 23 नवंबर 2025 : पंजाब की राजनीति में चंडीगढ़ मुद्दे को लेकर एक बार फिर तूफान खड़ा हो गया है। पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार पर चंडीगढ़ को पंजाब से अलग करने की “साजिश” का आरोप लगाते हुए सख्त रुख अपनाया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीमा ने कहा कि चंडीगढ़ पंजाब का वैध हिस्सा है, जिसे राज्य के 24 गांवों को उजाड़कर बसाया गया था, इसलिए इसे छीनने की कोई भी कोशिश पंजाब कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
‘दो मोर्चों पर लड़ाई’: कानूनी भी, सड़क से संसद तक भी
चीमा ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार न्यायालय में कानूनी लड़ाई लड़ेगी। आम आदमी पार्टी तीन करोड़ पंजाबियों के साथ सड़क से संसद तक जन आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीति “हिटलर मानसिकता” जैसी है, जो लोकतंत्र और संघीय ढांचे पर हमला है।
केंद्र के 131वें संविधान संशोधन बिल पर घेरा
चीमा ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2025 को पंजाब के अधिकारों पर “सीधा हमला” बताया। इस प्रस्ताव के तहत चंडीगढ़ को Article 240 के अंतर्गत लाने की योजना है, जिससे राष्ट्रपति को शहर पर सीधे कानून बनाने का अधिकार मिल जाएगा।
उनके अनुसार यह कदम पंजाब की दशकों पुरानी भावनात्मक और वैधानिक दावेदारी को कमजोर करने की चाल है।
भाजपा की “पंजाब विरोधी नीतियों” पर तीखा प्रहार
प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीमा ने भाजपा पर कई आरोप लगाए:
-
तीन काले कृषि कानून
-
बीबीएमबी में हस्तक्षेप
-
पंजाब यूनिवर्सिटी की सीनेट पर कब्ज़े की नाकाम कोशिश
-
अब चंडीगढ़ को अलग करने की नई चाल
उन्होंने कहा कि भाजपा बार-बार पंजाब को “अंधेरे और अशांत दिनों” की ओर धकेलने की कोशिश कर रही है।
‘भाजपा की हर चाल को नाकाम करेंगे’ — चीमा
चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग पहले भी ऐसे हमलों के खिलाफ मजबूती से खड़े रहे हैं और इस बार भी भाजपा को मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी- पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी समाज के हर वर्ग के साथ मिलकर चंडीगढ़ छीनने की किसी भी साजिश को ध्वस्त कर देगी।






