20 साल बाद टूटी ‘Sleeping Prince’ की सांसें, सऊदी शाही परिवार में शोक की लहर
रियाद (सऊदी अरब), 20 जुलाई 2025: सऊदी अरब में एक लंबी प्रतीक्षा और अनगिनत उम्मीदों का अंत हो गया। लगभग 20 साल तक कोमा में रहने वाले सऊदी शाही परिवार के सदस्य, प्रिंस अलवलीद बिन खालिद बिन तलाल, का शनिवार को निधन हो गया।
36 वर्षीय प्रिंस को दुनिया भर में “Sleeping Prince” के नाम से जाना जाता था।
उनकी जनाज़े की नमाज़ रविवार को दो स्थानों पर अदा की जाएगी — पुरुषों की नमाज़ असर के बाद रियाद की इमाम तुर्की बिन अब्दुल्ला मस्जिद में, जबकि महिलाओं की अंतिम विदाई किंग फ़ैसल स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में ज़ुहर के बाद होगी।
कौन थे प्रिंस अलवलीद?
18 अप्रैल 1990 को जन्मे प्रिंस अलवलीद, सऊदी अरब के प्रसिद्ध व्यवसायी और अरबपति प्रिंस अलवलीद बिन तलाल के भतीजे और प्रिंस खालिद बिन तलाल अल सऊद के पुत्र थे। वे राजा अब्दुलअज़ीज़ के परपोते और वर्तमान राजा सलमान के पारिवारिक वंशज थे।
हादसे ने बदल दी ज़िंदगी
साल 2005 में लंदन में एक सैन्य कॉलेज में पढ़ाई के दौरान, महज 15 साल की उम्र में, प्रिंस अलवलीद (Sleeping Prince) एक भीषण कार दुर्घटना का शिकार हुए। हादसे में उन्हें गंभीर ब्रेन हेमरेज, मस्तिष्क में चोट और आंतरिक रक्तस्राव हुआ, जिससे वे कोमा में चले गए।
उन्हें तत्क्षण किंग अब्दुलअज़ीज़ मेडिकल सिटी, रियाद लाया गया, जहां उन्हें वेंटिलेटर और फ़ीडिंग ट्यूब पर रखा गया। दुनिया भर के डॉक्टरों और मेडिकल विशेषज्ञों से उपचार कराया गया, लेकिन वे होश में नहीं लौट सके।
“जीवन और मृत्यु अल्लाह के हाथ में है”
2015 में डॉक्टरों ने जीवन रक्षक उपकरण हटाने का सुझाव दिया, लेकिन उनके पिता ने यह कहते हुए इनकार कर दिया:
“जीवन और मृत्यु केवल अल्लाह के हाथ में है।”
यह अडिग विश्वास पूरी दुनिया में श्रद्धा और दृढ़ता की मिसाल बन गया।
2019 में दिखी थी हल्की हलचल
साल 2019 में, जब प्रिंस (Sleeping Prince) ने हल्का सा सिर घुमाया और अंगुली हिलाई, तो मानो पूरी सऊदी में उम्मीदें फिर से जाग उठीं। लेकिन यह सुधार स्थायी नहीं हो सका।






