Haryana News : हरियाणा में ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ बनेगी जन-आंदोलन, 200 करोड़ का रिवॉल्विंग फंड मंजूर: अनिल विज

Haryana News : हरियाणा सरकार ने ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ को अभियान के रूप में लागू करने का बड़ा फैसला लिया है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट किया कि राज्य का लक्ष्य है कि इस योजना के क्रियान्वयन में हरियाणा पूरे देश में अव्वल बने और अधिकतम घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित हों। ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने कहा कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के माध्यम से योजना की निगरानी के लिए विशेष मॉनिटरिंग कमेटियों का गठन किया जाएगा।
ऑनलाइन निगरानी प्रणाली होगी विकसित
ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक घर में लगाए गए सोलर सिस्टम का डिवीजन-वाइज और सर्कल-वाइज डेटा ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा, जिससे योजना की प्रगति की रियल-टाइम निगरानी संभव हो सके।
रूफटॉप सोलर के लिए समर्पित एजेंसी की संभावना
अनिल विज ने यह भी कहा कि राज्य में सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित एजेंसी नियुक्त करने की संभावनाएं तलाशी जाएं, जो पात्र लाभार्थियों के घरों में सोलर सिस्टम लगाकर ग्रीन एनर्जी मिशन को गति दे सके।
200 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड
योजना को तेज़ी से लागू करने के लिए सरकार ने 200 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड स्वीकृत किया है।
UHBVN को: 100 करोड़ रुपये
DHBVN को: 100 करोड़ रुपये
सरकार से इस फंड की मंजूरी मिल चुकी है, जिससे योजना के विस्तार में तेजी आएगी।
वर्तमान स्थिति और भविष्य का लक्ष्य
ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव श्यामल मिश्रा ने जानकारी दी कि:
- वर्तमान में लगभग 3000 रूफटॉप सोलर सिस्टम प्रति माह लगाए जा रहे हैं
- योजना के तहत देशभर में 1 करोड़ घरों को कवर करने का लक्ष्य
- कुल बजट: ₹75,021 करोड़
- योजना की शुरुआत: 13 फरवरी 2024
हरियाणा के लक्ष्य:
- 2025-26 व 2026-27
- UHBVN: 1 लाख घर
- DHBVN: 1.22 लाख घर
सब्सिडी का लाभ
- पात्रता: ₹1.80 लाख तक वार्षिक आय
- 2 किलोवाट तक सोलर सिस्टम
- केंद्र सरकार सब्सिडी: ₹60,000
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राज्य सरकार सब्सिडी: ₹50,000
कुल सब्सिडी: ₹1,10,000
डिजिटल प्रचार पर भी जोर
ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के प्रचार-प्रसार के लिए डिजिटल विज्ञापन, सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों का अधिकतम उपयोग किया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग योजना से जुड़ सकें।






