Haryana Police बनी पारदर्शिता और सुधार की मिसाल: DGP शत्रुजीत कपूर का बड़ा बयान

Haryana : हरियाणा के DGP शत्रुजीत कपूर ने “क्राइम इन इंडिया 2023” रिपोर्ट को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि रिपोर्ट में हरियाणा में एफआईआर की बढ़ती संख्या किसी भी तरह से अपराध की अधिकता का संकेत नहीं है, बल्कि यह पुलिस की पारदर्शिता, जनकेंद्रित नीति और जवाबदेही का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि हरियाणा एफआईआर दर्ज करने में देश में चौथे स्थान पर है, जो राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बिजली-पानी चोरी और गुमशुदगी के मामले, असल अपराध दर बहुत कम
डीजीपी कपूर के मुताबिक, रिपोर्ट में दर्ज 2.24 लाख एफआईआर में से करीब 67,000 बिजली-पानी चोरी के हैं और 15,529 गुमशुदा व्यक्तियों से संबंधित हैं। यानी कुल 83,113 मामले ऐसे हैं जो तकनीकी या प्रशासनिक हैं, न कि पारंपरिक अपराध। यदि इन्हें हटाया जाए तो हरियाणा की वास्तविक अपराध दर देश में शीर्ष 10 से बाहर चली जाती है।
हरियाणा पहला राज्य, जहाँ गुमशुदगी पर 100% एफआईआर
कपूर ने बताया कि हरियाणा देश का एकमात्र राज्य है जहाँ गुमशुदा व्यक्ति और बच्चों की 100% एफआईआर दर्ज की जाती है, चाहे मामला अपहरण का हो या स्वेच्छा से घर छोड़ने का। इससे पुलिस की संवेदनशीलता और जवाबदेही साफ झलकती है।
नशामुक्ति में हरियाणा बना रोल मॉडल
हरियाणा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘नशामुक्त हरियाणा अभियान’ को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है। अब तक 4000 से अधिक गाँव और वार्ड नशामुक्त घोषित किए जा चुके हैं और 2025 के अंत तक 70% गाँवों को नशामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। हर साल NDPS एक्ट के तहत औसतन 5500 गिरफ्तारियाँ की जाती हैं जिनमें लगभग 1000 बड़े ड्रग तस्कर होते हैं।
महिला सुरक्षा में सकारात्मक गिरावट
डीजीपी ने बताया कि महिला अपराध के मामलों में हरियाणा अब देश में 11वें स्थान पर है। बलात्कार के मामले 2023 के 1800 से घटकर 2024 में 1350 हुए और अनुमान है कि 2025 के अंत तक यह संख्या घटकर 1100 रह जाएगी। यह पुलिस की सख्ती और महिला सुरक्षा को लेकर संवेदनशीलता को दर्शाता है।
साइबर क्राइम में हरियाणा बना राष्ट्रीय लीडर
हरियाणा पुलिस ने साइबर ठगी पर नकेल कसने में राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व किया है। जहां पहले ठगी की रकम का केवल 8-10% ही रिकवर हो पाता था, अब यह आंकड़ा 45% तक पहुँच गया है – जो देश में सबसे अधिक है।
प्रतिदिन औसतन 23 साइबर अपराधी गिरफ्तार किए जा रहे हैं, जबकि दो वर्ष पहले यह संख्या केवल 5 थी।
एफआईआर नीति: पारदर्शिता की मिसाल
कपूर ने कहा, “एफआईआर दर्ज करना सत्य-असत्य को सामने लाने की प्रक्रिया है।” हरियाणा में 56% मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई, जिससे साफ होता है कि पुलिस त्वरित और नियमानुसार कार्यवाही कर रही है।






