“केंद्र पंजाबियों के सब्र की परीक्षा ले रहा”: मीत हेयर का तीखा हमला, चंडीगढ़ को पंजाब को सौंपने की उठी मांग

नई दिल्ली/चंडीगढ़, 4 दिसंबर: आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने संसद सत्र के बाद केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चंडीगढ़, पंजाब यूनिवर्सिटी और राज्य के संघीय अधिकारों जैसे संवेदनशील मुद्दों पर केंद्र लगातार “पंजाबियों के सब्र की परीक्षा” ले रहा है। उन्होंने स्पष्ट मांग की—चंडीगढ़ को पूरी तरह पंजाब को सौंपा जाए, क्योंकि यह पंजाब की ऐतिहासिक राजधानी के रूप में बनाया गया था और अब भी पंजाब के राज्यपाल इसका प्रशासन संभालते हैं।
मीत हेयर ने कहा कि पंजाब पूरे देश का एकमात्र राज्य है जिसकी अपनी कोई राजधानी नहीं है, जबकि इसने देश की खाद्य सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों में सबसे बड़ी कुर्बानियां दीं। ऐसे में केंद्र द्वारा चंडीगढ़ को LG द्वारा संचालित पूर्ण केंद्र शासित प्रदेश बनाने की कोशिश न केवल वादाखिलाफी है, बल्कि पंजाब के साथ गंभीर अन्याय भी है।
हरसिमरत कौर बादल पर सीधा हमला
अकाली दल नेता हरसिमरत कौर बादल के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मीत हेयर ने कहा कि जिस दौर में चिट्टा और सिंथेटिक ड्रग्स पंजाब में फैले, उसका इतिहास सभी जानते हैं। ऐसे में नशे पर उपदेश देने का किसी को अधिकार नहीं। उन्होंने बीएसएफ को पंजाब में अधिक शक्ति देने के हरसिमरत बादल के समर्थन को भाजपा खुशामद करार दिया और सवाल किया—“आखिर भाजपा से क्या सौदा हुआ है?”
पंजाब पुलिस की कार्रवाई पर मीत हेयर का साफ बयान
उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य के भीतर किसी भी गैंगस्टर, असामाजिक तत्व या अपराधी के खिलाफ तुरंत और निडर होकर कार्रवाई कर रही है। विदेशों या अन्य राज्यों से सक्रिय अपराधियों पर कार्रवाई के लिए राज्य सरकार सभी केंद्रीय एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय में है।
स्थानीय निकाय चुनाव पर अकाली दल को घेरा
स्थानीय निकाय चुनावों पर अकाली दल की शिकायतों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि अकाली शासन के दौरान सरकारी मशीनरी के सहारे पूरे जिलों में विपक्ष के शून्य नामांकन करवाए जाते थे। अब हालात उलट चुके हैं—अकाली दल को उम्मीदवार तक नहीं मिल रहे, गांवों में लोग उनके टिकट लेने से मना कर रहे हैं।






