महाकुंभ 2025 की तैयारियों की समीक्षा करेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रयागराज का करेंगे दौरा
लखनऊ, 22 दिसंबर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगामी महाकुंभ 2025 की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए सोमवार को प्रयागराज का दौरा करेंगे। इस दौरान, मुख्यमंत्री योगी मेला क्षेत्र में स्थित नैनी, अरैल और सर्किट हाउस में स्थापित टेंट सिटी का निरीक्षण करेंगे और महाकुंभ की तैयारियों को लेकर उच्च अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
महाकुंभ 2025 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी तक चलेगा, जिसमें लाखों तीर्थयात्री और श्रद्धालु संगम में पवित्र स्नान करने के लिए पहुंचेंगे। इस दौरान मुख्य स्नान पर्व, जिसे “शाही स्नान” कहा जाता है, 14 जनवरी (मकर संक्रांति), 29 जनवरी (मौनी अमावस्या) और 3 फरवरी (बसंत पंचमी) को होगा। इन तिथियों पर विशेष धार्मिक आयोजन होंगे और लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी की संभावना है।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान
महाकुंभ 2025 की तैयारियों के तहत सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर कई विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के 220 गहरे समुद्र के गोताखोर संगम के पानी में तैनात किए जाएंगे। इन गोताखोरों की मदद से 700 नावों के माध्यम से उच्च सुरक्षा अलर्ट पर रहकर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया जाएगा।
इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश पुलिस सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करेगी। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा सीसीटीवी निगरानी प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और अन्य उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इस बार लगभग 2,700 एआई-सक्षम कैमरे लगाए जाएंगे, जो मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा, खोया-पाया केंद्रों पर 12 भाषाओं में अनुवाद करने वाली ‘भाषानी ऐप’ का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन
महाकुंभ 2025 के दौरान उत्तर प्रदेश के संस्कृति विभाग ने 20 छोटे मंचों का आयोजन करने की योजना बनाई है, जहां देशभर के विभिन्न राज्यों के लोक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। यह मंच पर्यटकों, श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को भारत की विविध सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराएंगे। यह पहल महाकुंभ को न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी समृद्ध बनाएगी।
आवास और यातायात की सुविधाएं
महाकुंभ 2025 के दौरान तीर्थयात्रियों के लिए आवास और यातायात की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने टेंट-आधारित डीलक्स आवास सुविधाओं का विस्तार किया है, जिसमें मेला क्षेत्र में 300 बिस्तरों वाला डीलक्स छात्रावास स्थापित किया जाएगा। इस सुविधा से आगंतुकों को उच्च गुणवत्ता वाली आवास सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा, गूगल ने इस बार मेला क्षेत्र के लिए अपनी नेविगेशन नीति में बदलाव करते हुए श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों का मार्गदर्शन देने के लिए नई नेविगेशन सुविधा प्रदान की है।
नई डिजिटल सुविधाओं का प्रयोग
महाकुंभ 2025 में डिजिटल पहल पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अपर मेला अधिकारी विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि इस बार एआई-चालित चैटबॉट और गूगल नेविगेशन सुविधाओं का इस्तेमाल श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए किया जाएगा। एआई चैटबॉट श्रद्धालुओं के विभिन्न सवालों का जवाब देने में सक्षम होगा, खासकर कुंभ से संबंधित जानकारी के लिए। इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सहूलियत देना और उनके अनुभव को बेहतर बनाना है।
मुख्यमंत्री का दौरा: एक महत्वपूर्ण कदम
सीएम योगी आदित्यनाथ का प्रयागराज दौरा महाकुंभ की सफलता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। वे इस दौरान तैयारियों की समीक्षा करेंगे और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे, ताकि महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा मिल सके। महाकुंभ 2025 को एक अभूतपूर्व आयोजन बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
इस आयोजन को लेकर सभी स्तरों पर कार्य तेज़ी से चल रहे हैं, और सरकार के प्रयासों से यह विश्वास जताया जा रहा है कि महाकुंभ 2025 की तैयारी के तहत सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी हो जाएंगी।






