एमपी एमएलए से जुड़े मामलों की सुनवाई नहीं करेंगी जज स्वर्ण कांता

नई दिल्ली
दिल्ली हाई कोर्ट ने जजों के लिए एक नया रोस्टर जारी किया है। यह रोस्टर पहली जुलाई, 2026 से लागू होगा। रोस्टर में सुनवाई के लिए मौजूदा बेंचों के अधिकार क्षेत्र में बदलाव किए गए हैं। ताजा रोस्टर के मुताबिक जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की जगह अब जस्टिस मनोज जैन मौजूदा और पूर्व सांसद/ विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगे। जस्टिस शर्मा अब आरटीआई, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीडऩ आदि मामलों की सुनवाई करेंगी। वहीं मनोज जैन अलग-अलग प्रकार के जमानत से जुड़े मामले, साल 2026 के क्रिमिनल रिवीजन पिटीशन, रिट पिटीशन और क्रिमिनल लीव पिटीशन और कार्यस्थलों पर यौन उत्पीडऩ से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई करेंगे।
इससे पहले सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों के रोस्टर की जिम्मेदारी जस्टिस स्वर्ण कांता के पास थी। ताजा रोस्टर में अब जस्टिस स्वर्ण कांता को सिविल रोस्ट की जिम्मेदारी दी गई है। वे अब आरटीआई से जुड़ीं सिविल रीट पिटीशन, कार्यस्थलों पर महिलाओं के यौन उत्पीडऩ, माइन्स डीटीसी, अर्बन आर्ट्स कमीशन और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से जुड़ी रीट पिटीशन पर सुनवाई करेंगी।






