
कुरुक्षेत्र, 15 जून। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में समाजशास्त्र विभाग सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शोध एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े अध्ययनों के लिए देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। वर्ष 1998 में स्थापित इस विभाग ने पिछले लगभग तीन दशकों में अनेक विद्वानों, प्रशासकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा राजनीतिक नेतृत्व को तैयार किया है।
विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि वर्तमान में विभाग में एम.ए. समाजशास्त्र के दो वर्षीय एवं एक वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। दो वर्षीय एम.ए. कार्यक्रम में प्रवेश के लिए किसी भी विषय में स्नातक डिग्री में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अथवा समाजशास्त्र, मनोविज्ञान या सामाजिक कार्य विषय में 45 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। इस कार्यक्रम में कुल 60 सीटें उपलब्ध हैं तथा सुपरनुमेरी सीटों की संख्या 25 है। वहीं, एक वर्षीय एम.ए. कार्यक्रम के लिए समाजशास्त्र विषय में 80 क्रेडिट के साथ चार वर्षीय (ऑनर्स विद रिसर्च) डिग्री अथवा समाजशास्त्र में पीजी डिप्लोमा आवश्यक है। इस प्रोग्राम में कुल 22 सीटें निर्धारित हैं।
उन्होंने बताया कि विभाग का उद्देश्य विशेष रूप से हरियाणा और उत्तर भारत में प्रशिक्षित सामाजिक विशेषज्ञों तथा सामाजिक अभियंताओं का निर्माण करना रहा है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मॉडल पाठ्यक्रम, यूजीसी-नेट तथा सिविल सेवा परीक्षाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप विभाग समय-समय पर अपने पाठ्यक्रम का अद्यतन करता रहता है। यही कारण है कि देश के विभिन्न राज्यों से विद्यार्थी यहां उच्च शिक्षा और शोध के लिए आते हैं। विभाग में आधुनिक सुविधाओं से युक्त अधोसंरचना उपलब्ध है, जिसमें व्याख्यान कक्ष, समृद्ध पुस्तकालय, कंप्यूटर प्रयोगशाला, चौबीसों घंटे इंटरनेट एवं वाई-फाई सुविधा तथा शोधार्थियों के लिए अलग अध्ययन कक्ष शामिल हैं। विभाग समय-समय पर देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों एवं विशेषज्ञों को आमंत्रित कर व्याख्यान, संगोष्ठियों और शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन भी करता है।
डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि विभाग के शोधार्थी राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न सामाजिक विषयों पर शोध कार्य कर रहे हैं। विभाग में जेंडर स्टडीज, स्वास्थ्य का समाजशास्त्र, राजनीतिक समाजशास्त्र, शिक्षा का समाजशास्त्र, ग्रामीण एवं नगरीय समाजशास्त्र, सामाजिक मनोविज्ञान, पर्यावरणीय समाजशास्त्र, अपराधशास्त्र तथा जनसंख्या अध्ययन जैसे विषयों पर विशेष रूप से शिक्षण और शोध कार्य किया जाता है।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि समाजशास्त्र विभाग विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि उन्हें सामाजिक परिवर्तन, मानवीय संवेदनाओं और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान के लिए भी प्रेरित करता है। विभाग की शैक्षणिक उपलब्धियां और शोध गतिविधियां इसे सामाजिक विज्ञान संकाय के अग्रणी विभागों में स्थापित करती हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन एडमिशन से सम्बन्धित जानकारी के लिए विद्यार्थी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि वर्तमान में विभाग में एम.ए. समाजशास्त्र के दो वर्षीय एवं एक वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। दो वर्षीय एम.ए. कार्यक्रम में प्रवेश के लिए किसी भी विषय में स्नातक डिग्री में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अथवा समाजशास्त्र, मनोविज्ञान या सामाजिक कार्य विषय में 45 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। इस कार्यक्रम में कुल 60 सीटें उपलब्ध हैं तथा सुपरनुमेरी सीटों की संख्या 25 है। वहीं, एक वर्षीय एम.ए. कार्यक्रम के लिए समाजशास्त्र विषय में 80 क्रेडिट के साथ चार वर्षीय (ऑनर्स विद रिसर्च) डिग्री अथवा समाजशास्त्र में पीजी डिप्लोमा आवश्यक है। इस प्रोग्राम में कुल 22 सीटें निर्धारित हैं।
उन्होंने बताया कि विभाग का उद्देश्य विशेष रूप से हरियाणा और उत्तर भारत में प्रशिक्षित सामाजिक विशेषज्ञों तथा सामाजिक अभियंताओं का निर्माण करना रहा है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मॉडल पाठ्यक्रम, यूजीसी-नेट तथा सिविल सेवा परीक्षाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप विभाग समय-समय पर अपने पाठ्यक्रम का अद्यतन करता रहता है। यही कारण है कि देश के विभिन्न राज्यों से विद्यार्थी यहां उच्च शिक्षा और शोध के लिए आते हैं। विभाग में आधुनिक सुविधाओं से युक्त अधोसंरचना उपलब्ध है, जिसमें व्याख्यान कक्ष, समृद्ध पुस्तकालय, कंप्यूटर प्रयोगशाला, चौबीसों घंटे इंटरनेट एवं वाई-फाई सुविधा तथा शोधार्थियों के लिए अलग अध्ययन कक्ष शामिल हैं। विभाग समय-समय पर देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों एवं विशेषज्ञों को आमंत्रित कर व्याख्यान, संगोष्ठियों और शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन भी करता है।
डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि विभाग के शोधार्थी राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न सामाजिक विषयों पर शोध कार्य कर रहे हैं। विभाग में जेंडर स्टडीज, स्वास्थ्य का समाजशास्त्र, राजनीतिक समाजशास्त्र, शिक्षा का समाजशास्त्र, ग्रामीण एवं नगरीय समाजशास्त्र, सामाजिक मनोविज्ञान, पर्यावरणीय समाजशास्त्र, अपराधशास्त्र तथा जनसंख्या अध्ययन जैसे विषयों पर विशेष रूप से शिक्षण और शोध कार्य किया जाता है।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि समाजशास्त्र विभाग विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि उन्हें सामाजिक परिवर्तन, मानवीय संवेदनाओं और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान के लिए भी प्रेरित करता है। विभाग की शैक्षणिक उपलब्धियां और शोध गतिविधियां इसे सामाजिक विज्ञान संकाय के अग्रणी विभागों में स्थापित करती हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन एडमिशन से सम्बन्धित जानकारी के लिए विद्यार्थी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।






